स्कीम 171 को लेकर IDA में हंगामा: पीड़ितों ने पढ़ी हनुमान चालीसा; 33 साल से अटकी योजना

इंदौर। इंदौर विकास प्राधिकरण (IDA) परिसर में आज स्कीम नंबर 171 के पीड़ितों ने विरोध प्रदर्शन किया।समीक्षा हॉल के अंदर सभी ने हनुमान चालीसा का पाठ कर विरोध जताया।
प्रदर्शन कर रहे सीनियर सिटीजन और उनके परिवारों का कहना है कि वे 33 साल से योजना से जमीन मुक्त होने का इंतजार कर रहे हैं। इस वजह से वे लंबे समय से परेशान हैं।
प्रतिफल राशि जमा करने के बाद भी नहीं मिली जमीन
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पूरी प्रतिफल राशि जमा करने के बाद भी योजना से जमीन मुक्त नहीं की जा रही है। इसके चलते हजारों परिवार अपने मकान नहीं बना पा रहे हैं। लोगों ने IDA की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जल्द समस्या का समाधान करने की मांग की है।
6 हजार प्लाटधारक हुए शामिल
13 सोसायटियों के 6 हजार प्लाटधारक काली पट्टी और अपनी मांगों से जुड़ी टी-शर्ट पहनकर पहुंचे। उनके हाथों में तख्तियां थी जिसपर आईडीए के खिलाफ नारे लिखे हुए थे। इस बार प्रदर्शन में प्लाटधारकों के साथ Gen Z और Gen Alpha पीढ़ी भी शामिल हुई। सबने मांग-पत्र सौंपकर जल्द समाधान की मांग की। जवाबदारों के साथ बैठक शुरू हो गई है।
1996 में रद्द कर दी थी कार्रवाई
रहवासियों ने बताया कि 50 साल से लंबित इस योजना के कारण अयोध्यापुरी समेत 18 कॉलोनियों के 7 हजार परिवार परेशान हैं। साल 1996 में हाईकोर्ट ने योजना के तहत जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई को रद्द कर दिया था। इसके बावजूद योजना पूरी तरह खत्म नहीं हुई। इससे लोगों को अपने भूखंड और मकान से जुड़े कामों में परेशानी हो रही है।
स्थायी समाधान कराने की अपील की
संघ ने बताया कि कुछ वर्षों में प्राधिकरण 50 से ज्यादा भू-स्वामियों को एनओसी भी दे चुका है। वहीं, योजना के तहत कोई जरूरी विकास कार्य भी नहीं हुआ है। रहवासियों ने 2019 के संशोधित कानून का हवाला देते हुए योजना क्रमांक 77 को तत्काल डि-नोटिफाई करने की मांग की। उन्होंने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मामले में हस्तक्षेप कर 50 साल पुरानी समस्या का स्थायी समाधान कराने की अपील की।