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उज्जैन के रामघाट पर बड़ा हादसा घटने से बचा: पानी में डूबा होशंगाबाद का श्रद्धालु; 3 तैराकों ने बचाया

उज्जैन । प्रसिद्ध रामघाट पर शुक्रवार को स्नान के दौरान एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। होशंगाबाद से आए एक श्रद्धालु अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। गनीमत रही कि मौके पर मौजूद तैराक दल के सदस्यों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए बिना एक पल गंवाए नदी में छलांग लगा दी, जिससे श्रद्धालु की जान सुरक्षित बचा ली गई।

अचानक गहरे पानी में जा फंसे नीलेश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, होशंगाबाद निवासी नीलेश करोसिया रामघाट पर स्नान कर रहे थे, तभी वे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। उन्हें डूबता देख सिद्धाश्रम घाट के पास मुस्तैद मां शिप्रा तैराक दल के सदस्य तुरंत हरकत में आए। तैराक दल के सदस्य राकेश गोंड, भोला कहार और राज कहार ने अपनी जान की परवाह किए बिना तुरंत शिप्रा नदी में छलांग लगा दी।

सूझबूझ से बची जान, तैराकों का जताया आभार
तीनों तैराकों ने अपनी अद्भुत सूझबूझ का परिचय देते हुए डूब रहे नीलेश को सुरक्षित पकड़ लिया और सकुशल पानी से बाहर निकाल लाए। समय पर हुए इस त्वरित रेस्क्यू के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। सुरक्षित बाहर आने के बाद नीलेश ने राहत की सांस ली और अपनी जान बचाने के लिए तैराक दल के सदस्यों का दिल से आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि उन्हें तैरना नहीं आता था और यदि समय पर मदद न मिलती तो अनहोनी हो सकती थी।

प्रशासन और तैराक दल की अपील
घटना के बाद ‘शिप्रा तैराक दल सामाजिक एवं सांस्कृतिक कल्याण समिति’ के सचिव संतोष सोलंकी ने जानकारी दी कि उनका दल श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए हमेशा निःस्वार्थ भाव से मुस्तैद रहता है। समिति ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे शिप्रा नदी में स्नान करते समय पूरी सावधानी बरतें और अनजान या गहरे पानी में जाने से बचें, ताकि ऐसी किसी भी अप्रिय घटना को टाला जा सके।

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