थांदला-टीमरवानी फोरलेन पर मुआवजे को लेकर किसान नाराज: 32 आरा जमीन का 7 लाख तय; 20 अगस्त को झाबुआ में प्रदर्शन

झाबुआ । जिले में बदनावर-टीमरवानी फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण को लेकर किसानों में नाराजगी है। किसानों का आरोप है कि जमीन और कुएं के लिए तय किया गया मुआवजा बाजार कीमत के मुकाबले काफी कम है। चार गुना मुआवजे की मांग को लेकर किसान 20 अगस्त को झाबुआ में प्रदर्शन करने की तैयारी में हैं।
32 आरा जमीन का 7 लाख रुपए मुआवजा तय
टेमरिया गांव के किसान के मुताबिक मुख्य मार्ग से लगी उनकी 32 आरा जमीन का मुआवजा करीब 7 लाख रुपए तय किया गया है। किसान का कहना है कि इसी के पास उनके भाई की जमीन करोड़ों रुपए में बिकी है। ऐसे में तय मुआवजे को लेकर वे सवाल उठा रहे हैं।

सड़क की चपेट में आया पुश्तैनी कुआं
किसान रणछोड़ आंजना की जमीन के बीच से फोरलेन सड़क निकल रही है। किसानों के अनुसार, इस दौरान उनका पुश्तैनी कुआं भी सड़क की चपेट में आ रहा है। उनका कहना है कि कुएं के खत्म होने से करीब 20 बीघा सिंचित जमीन पर पानी का संकट खड़ा हो सकता है।
किसान के मुताबिक कुएं के लिए करीब 8 लाख रुपए का मुआवजा तय किया गया है। उनका कहना है कि इससे जमीन की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी।
50 से ज्यादा गांव प्रभावित होने का दावा
बदनावर-टीमरवानी फोरलेन परियोजना की लागत करीब 3,839 करोड़ रुपए बताई गई है। किसानों के अनुसार, परियोजना से 50 से अधिक गांव प्रभावित हो रहे हैं। भूमि अधिग्रहण और मुआवजे को लेकर कई किसान अपनी आपत्तियां उठा रहे हैं।

चार गुना मुआवजे की मांग
किसानों की मांग है कि अधिग्रहित जमीन का चार गुना मुआवजा दिया जाए। उनका कहना है कि मौजूदा दरों पर मिलने वाली राशि से जमीन और खेती के नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी।
इसी मांग को लेकर किसान 20 अगस्त को झाबुआ में प्रदर्शन करेंगे। किसानों ने प्रशासन से मुआवजे की दरों पर दोबारा विचार कर उचित राशि देने की मांग की है।