‘छात्रों की गूंज’ से पहले ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर: रातों-रात शहर में लगे होर्डिंग पर उठे सवाल; राजू भदौरिया ने उतरवाए; बोले- अब नगर निगम कहा है

इंदौर। राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले इंदौर में सियासी पोस्टर वार शुरू हो गया। शुक्रवार रात शहर के कई प्रमुख रास्तों और चौराहों पर राहुल गांधी की तस्वीर वाले ‘झूठ की गूंज’ के पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए। शनिवार सुबह कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया को इसकी जानकारी मिली तो वे अपने साथियों के साथ अलग-अलग जगह पहुंचे और पोस्टर उतारने शुरू कर दिए। भदौरिया ने सवाल उठाया कि जब रातों-रात पूरे शहर में इस तरह के पोस्टर लगाए गए तो इंदौर नगर निगम के अधिकारी और उनकी टीम कहां थी?
पोस्टरों पर बड़े अक्षरों में ‘झूठ की गूंज’ और नीचे लिखा है ‘होगी सत्य की विजय’ लिखा है। राहुल गांधी की तस्वीर के साथ उनके ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रमों में किए गए दावों को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पोस्टर पर ‘इन रैलियों के 40 दावों का फैक्टचेक किया’ लिखा गया है। साथ ही QR कोड और jhoothkigoonj.com वेबसाइट का नाम दिया गया है।
सुबह पोस्टर की जानकारी मिलते ही, उतारने पहुंचे भदौरिया
कांग्रेस पार्षद राजू भदौरिया को शनिवार सुबह इन पोस्टरों के शहर में लगाए जाने की जानकारी मिली। इसके बाद वे अपने साथियों के साथ अलग-अलग स्थानों पर पहुंचे और पोस्टर हटाने की कार्रवाई शुरू की।
भदौरिया ने इन पोस्टरों को अवैध रूप से लगाया गया बताते हुए नगर निगम पर सवाल उठाए है। उनका कहना है कि यदि पोस्टर लगाने की अनुमति नहीं थी तो रातों-रात शहर के कई हिस्सों में इतने बड़े पैमाने पर पोस्टर कैसे लगा दिए गए।
उन्होंने सवाल किया कि नगर निगम की टीम रात में क्या कर रही थी और शहर में सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जा रहे पोस्टरों की निगरानी कौन करता है।

पोस्टर पर 40 दावों के फैक्ट-चेक का दावा
पोस्टर पर राहुल गांधी की तस्वीर के साथ ‘इन रैलियों के 40 दावों का फैक्टचेक किया’ लिखा है। QR कोड स्कैन करने पर jhoothkigoonj.com वेबसाइट का लिंक मिलता है। वेबसाइट पर राहुल गांधी की कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में हुई रैलियों में किए गए दावों की जांच का दावा किया गया है।
वेबसाइट के मुताबिक इन दावों की जांच के लिए 169 स्रोतों का इस्तेमाल किया गया है। इनमें सरकारी वेबसाइट, संसद से जुड़ी जानकारी और समाचार स्रोतों का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। वेबसाइट कुछ दावों को गलत और कुछ को भ्रामक बताती है। ये वेबसाइट के अपने फैक्ट-चेक निष्कर्ष हैं।
पोस्टर किसने लगाए, आधिकारिक पुष्टि नहीं
इन पोस्टरों पर किसी राजनीतिक दल या संगठन का नाम स्पष्ट रूप से नहीं लिखा गया है। इसलिए पोस्टर किसने लगवाए, इसकी आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। हालांकि, पोस्टरों में राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम और उनके पूर्व के बयानों को सीधे निशाना बनाया गया है।
पोस्टर शुक्रवार रात शहर के कई प्रमुख हिस्सों में लगाए गए और शनिवार सुबह दिखाई दिए। कुछ रिपोर्टों में शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में होर्डिंग लगाए जाने की जानकारी दी गई है।

‘छात्रों की गूंज’ से पहले गरमाया माहौल
राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम शनिवार को इंदौर में होना है। कार्यक्रम में छात्रों और युवाओं से शिक्षा व्यवस्था, रोजगार, प्रतियोगी परीक्षाओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों पर संवाद प्रस्तावित है। इंदौर इस अभियान का अगला पड़ाव है; इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में कार्यक्रम हो चुके हैं।
राहुल गांधी के कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले शहर में ‘छात्रों की गूंज’ के जवाब में ‘झूठ की गूंज’ लिखे पोस्टर लगाए जाने और फिर कांग्रेस पार्षद द्वारा उन्हें हटाए जाने से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
पोस्टर लगाने वालों की पहचान और नगर निगम की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक कार्रवाई हुई है या नहीं, यह स्पष्ट नहीं है।
शहर में यहां-यहां लगे है पोस्टर:

1. गीत भवन चौराह

2. पलासिया चौराह

3. बंगाली चौराह

4. खजराना चौराह

5. वर्ल्ड कप चौराहा