अग्निवीर योजना पर कैप्टन योगेंद्र यादव बोले: राष्ट्र और सेना के हित में नहीं; युवाओं को देश से जोड़ना जरूरी

बड़वानी। परमवीर चक्र विजेता कैप्टन योगेंद्र सिंह यादव ने अग्निवीर योजना पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह योजना न राष्ट्रहित में है और न ही सेना के हित में। उनके मुताबिक सेना के जवानों को नौकरी के साथ भविष्य की सुरक्षा और स्थायित्व भी मिलना चाहिए।
कैप्टन यादव शुक्रवार को बड़वानी के एक निजी कार्यक्रम में पहुंचे थे। मीडिया से बातचीत में उन्होंने अग्निवीर योजना के साथ युवाओं और देश में हो रहे आंदोलनों पर भी अपनी बात रखी।

युवाओं को देश की ताकत बताया
कैप्टन यादव ने युवाओं को देश की बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि युवा शक्ति को देश से जोड़कर रखना चाहिए। उन्होंने युवाओं को ‘जेन-जी’, ‘जेन-एम’ या ‘जेन-अल्फा’ जैसे नामों से बुलाने पर भी सवाल उठाया। युवाओं की पहचान भारत के युवाओं के रूप में होनी चाहिए। उनके अनुसार युवाओं को ऐसे अलग-अलग नाम देना पश्चिमी देशों की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा देश की बड़ी ताकत हैं।

2037 में विकसित भारत बनने की बात
कैप्टन योगेंद्र यादव ने कहा कि अगर देश की युवा शक्ति को सही दिशा में जोड़ा जाए तो भारत 2047 से पहले ही विकसित देश बन सकता है। उन्होंने कहा कि युवा देश के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने बुद्धिजीवी वर्ग से भी युवाओं को देश से जोड़कर देखने की अपील की।
आंदोलनों पर भी रखी राय
देश में बढ़ रहे आंदोलनों को लेकर कैप्टन यादव ने कहा कि जब किसी जगह कमी या परेशानी होती है, तभी आंदोलन शुरू होते हैं। किसी भी व्यक्ति या वर्ग को लंबे समय तक दबाकर नहीं रखा जा सकता। सभी को सम्मान मिलना चाहिए और आगे बढ़ने का मौका मिलना चाहिए। विकास के दौरान कुछ लोग पीछे छूट सकते हैं। ऐसे लोगों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए। उन्हें समझकर आगे बढ़ाना जरूरी है।
अग्निवीर योजना पर उठाए सवाल
अग्निवीर योजना पर कैप्टन यादव ने कहा कि सेना में काम करने वाले जवान के लिए भविष्य की सुरक्षा जरूरी है। अगर किसी जवान को कुछ समय के लिए ही सेवा में रखा जाएगा और उसके भविष्य की सुरक्षा तय नहीं होगी, तो इसका असर उसकी सोच पर पड़ सकता है। जवान को स्थायित्व और सुरक्षा की जरूरत होती है। सेना देश का भरोसा है और देश की सुरक्षा की आखिरी दीवार है।