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शिक्षक दिवस पर सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक चलेगी इंदौर मेट्रो; CM-केंद्रीय मंत्री दिखाएंगे हरी झंडी; जानिए कितना होगा किराया

इंदौर। शिक्षक दिवस पर सुपर कॉरिडोर से रेडिसन तक इंदौर मेट्रो चलेगी। CM मोहन यादव के साथ केंद्रीय शहरी विकास एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर हरी झंडी दिखाएंगे। कमिश्नर आफ मेट्रो रेलवे सेफ्टी (सीएमआरएस) से अनुमति मिलने के पांच महीने बाद इंदौर में सुपर कारिडोर से रेडिसन चौराहे तक 17 किलोमीटर हिस्से में यात्री मेट्रो में सफर कर पाएंगे।

शुक्रवार को मेट्रो के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य व्यावसायिक संचालन से संबंधित तैयारियों का निरीक्षण करेंगे और अधिकारियों के साथ बैठक लेंगे।अब मेट्रो गांधी नगर से मालवीय नगर मेट्रो स्टेशन तक 16 स्टेशनों के बीच चलेगी।

मेट्रो स्टेशनों के टिकट काउंटर पर स्टाफ और तकनीकी कर्मचारी भी तैनात हो चुके हैं। सुरक्षाकर्मी भी मुस्तैदी से तैनात हैं। मेट्रो प्रबंधन की ओर से दो दिनों से मेट्रो को निर्धारित उच्च गति पर चलाकर परीक्षण किया जा रहा है।

खजराना से रीगल तक के हिस्से में चल रहा परीक्षण 
मेट्रो परियोजना के पूर्व प्रस्ताव में खजराना से रीगल तक का हिस्सा एलिवेटेड था, जिसे अब भूमिगत किया गया है। ऐसे में इस हिस्से में भूमिगत मेट्रो स्टेशन निर्माण के लिए एमजी रोड और बंगाली से पलासिया के बीच अलग- अलग स्थानों पर पाइलिंग की जमीन का परीक्षण किया। अभी इस हिस्से में भूमिगत मेट्रो निर्माण के लिए नई एजेंसी तय होना बाकी है। यात्री प्रबंधन का दावा है कि प्रतिदिन दस हजार यात्री मेट्रो में सफर करेंगे। सभी को क्यूआर कोड वाले टिकट मिलेंगे, एप के माध्यम से भी टिकट बुक किया जा सकेगा। यात्री 16 मेट्रो स्टेशनों से प्रवेश कर सकेंगे।

यह होगा किराया 
गांधी नगर स्टेशन से मालवीय नगर चौराहे तक आने के लिए 80 रुपये देने होंगे। हर 15 मिनट में ट्रेन स्टेशन पर आएगी। सभी मेट्रो स्टेशनों पर प्लेटफार्म के किनारे सुरक्षा स्लाइडिंग डोर होंगे। ये ट्रेन के प्लेटफार्म पर पहुंचने पर ही खुलेंगे।

मेट्रो का अब तक का सफर
30 मई 2025 को सुपर कारिडोर पर पहली बार मेट्रो का सफर हुआ शुरू था। 9 अक्टूबर 2025 को सुपर कारिडोर से रेडिसन तक मेट्रो चली थी। 27 मार्च 2026 को सीएमआरएस से संचलान की अनुमति मिली थी। फिर 18 जून 2026 को रेडिसन तक मेट्रो चलने वाली थी पर कार्यक्रम टल गया। आखिरकार कल से यात्री मेट्रो में रेडिसन तक सफर कर सकेंगे।

4 से 6 लाख लोगों को होगा लाभ
सुपर कॉरिडोर-2 से रेडिसन चौराहे तक का मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने पर यह इंदौर मेट्रो का सबसे व्यस्त और अधिक यात्री घनत्व वाला रूट बन जाएगा। इस रूट से सीधे 4 से 6 लाख लोगों को लाभ मिलने का अनुमान है, जबकि फीडर बसों और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों के जरिए यह संख्या 8 से 10 लाख तक पहुंच सकती है।

रिहाइशी और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ेगा 
यह कॉरिडोर सुपर कॉरिडोर, गांधी नगर, लवकुश, सुखलिया, विजय नगर, स्कीम- 78, स्कीम- 54 और रेडिसन चौराहे जैसे प्रमुख रिहाइशी और व्यावसायिक क्षेत्रों को जोड़ेगा। विशेष रूप से विजय नगर और रेडिसन क्षेत्र शहर के प्रमुख व्यावसायिक और आवासीय केंद्र हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन होता है।

इस रूट पर बड़ी कंपनियों के ऑफिस  
इस रूट पर कई बड़ी कंपनियों के ऑफिस इस रूट के दायरे में टीसीएस, इंफोसिस और यश टेक्नोलॉजीज जैसी बड़ी आईटी कंपनियों के कैंपस हैं। इसके अलावा एसईजेड, आईटी पार्क, एयरपोर्ट, शैक्षणिक संस्थान, होटल और कई कॉर्पोरेट कार्यालय भी इसी कॉरिडोर के आसपास हैं। केवल टीसीएस और इंफोसिस के कैंपस ही हजारों कर्मचारियों की क्षमता रखते हैं।

5 से 40 हजार यात्री करेंगे सफर
एक्सपर्ट के अनुमान के अनुसार, मेट्रो संचालन के शुरुआती चरण में इस कॉरिडोर पर रोजाना 25 से 40 हजार यात्री सफर कर सकते हैं, वहीं सुपर कॉरिडोर और आसपास के क्षेत्रों के विकसित होने के बाद यह संख्या 60 हजार से लेकर एक लाख यात्रियों रोज तक पहुंच सकती है।

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