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टाटा संस के चेयरमैन ने दिया इस्तीफा: ग्रुप के शेयर 4% गिरे; 44 हजार करोड़ रुपए का नुकसान

टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है । इस्तीफे के बाद से टाटा ग्रुप के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। ग्रुप की कई प्रमुख कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए। इस गिरावट के चलते टाटा ग्रुप की कंपनियों के कुल मार्केट कैप में 44 हजार करोड़ रुपए से अधिक की कमी आई।

सबसे ज्यादा गिरावट TCS में
सबसे ज्यादा गिरावट TCS, टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और तेजस नेटवर्क्स जैसे शेयरों में देखने को मिली। कारोबार के दौरान TCS करीब 4.10 फीसदी नीचे रहा। टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स के शेयर में 2.70 फीसदी और तेजस नेटवर्क्स में 2.14 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।

इन कंपनियों के शेयर गिरे-

TCS: 4.10 फीसदी
टाटा स्टील: 1.09 फीसदी
टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स: 2.70 फीसदी
टाइटन: 1.14 फीसदी
टाटा पावर: 1.12 फीसदी
टाटा टेक्नोलॉजीज: 1.50 फीसदी
तेजस नेटवर्क्स: 2.14 फीसदी
IHCL: 1.32 फीसदी
Tata Elxsi: 1.84 फीसदी
वोल्टास: 1.10 फीसदी

दो शेयरों में तेजी
टाटा ग्रुप के कुछ शेयरों में गिरावट के बीच टाटा कैपिटल और टाटा केमिकल्स में तेजी देखने को मिली। टाटा कैपिटल करीब 0.48 फीसदी और टाटा केमिकल्स 1.13 फीसदी ऊपर कारोबार करता नजर आया।

चंद्रशेखरन ने दोबारा नियुक्ति से मना किया 
एन. चंद्रशेखरन ने टाटा संस बोर्ड को अपने फैसले की जानकारी दे दी है। उन्होंने कहा कि टाटा संस के कई महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट लागू होने के अहम चरण में हैं और कर्मचारियों, निवेशकों, पार्टनर्स तथा अन्य स्टेकहोल्डर्स के लिए नेतृत्व को लेकर स्पष्टता जरूरी है।

चंद्रशेखरन के मुताबिक, उन्होंने बोर्ड से जल्द उत्तराधिकारी तय करने को कहा है, ताकि नेतृत्व परिवर्तन सुचारू तरीके से हो सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि 20 फरवरी 2027 को उनका कार्यकाल समाप्त होने के बाद वे दोबारा नियुक्ति के लिए अपना नाम पेश नहीं करेंगे।

नोएल टाटा से मतभेद की चर्चा

चंद्रशेखरन के भविष्य को लेकर लंबे समय से टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा के साथ मतभेद की चर्चाएं भी सामने आती रही हैं। हालांकि, करीब एक साल पहले नोएल टाटा समेत सभी ट्रस्टियों ने सर्वसम्मति से चंद्रशेखरन के अगले पांच साल के कार्यकाल की सिफारिश करने का फैसला किया था।

इसके बाद 24 फरवरी को टाटा संस बोर्ड ने उनकी दोबारा नियुक्ति के फैसले को टाल दिया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, नए कारोबारों के प्रदर्शन को लेकर कुछ चिंताएं थीं। वहीं, नोएल टाटा चंद्रशेखरन के लिए दो साल के एग्जीक्यूटिव कार्यकाल के पक्ष में बताए गए थे, जो समूह की एग्जीक्यूटिव भूमिकाओं के लिए 65 वर्ष की सेवानिवृत्ति आयु के अनुरूप होता है।

चंद्रशेखरन के अगले कार्यकाल को लेकर अनिश्चितता की खबरों के बीच बुधवार को टाटा ग्रुप के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली, जिसका असर समूह की कुल बाजार वैल्यू पर भी पड़ा।

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