| | |

तैरना नहीं आता था, फिर भी शिप्रा में कूदकर बचाई थी मासूम की जान,अब राष्ट्रपति भवन से आया हेमलता को न्योता

उज्जैन। शहर की युवती को बहादुरी के लिए 15 अगस्त को राष्ट्रपति ने विशेष रूप से आमंत्रित किया है। युवती ने तैरना नहीं आने के बावजूद अपनी जान की परवाह न करते हुए एक किशोरी को नदी में डूबने से बचाया था।  इसी के लिए उसे देश के सर्वोच्च स्तर पर सम्मान मिलने जा रहा है। स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति भवन में होने वाले प्रतिष्ठित ‘एट होम’ रिसेप्शन मे विशेष रूप से आमंत्रित किया है।

सूझबूझ से किशोरी को बचाया 
दरअसर इसी साल मई माह मे पंचकोशी यात्रा के दौरान एक 14 वर्षीय किशोरी रामघाट पर स्नान करते समय गहरे पानी में डूबने लगी। इस दौरान घाट पर मौजूद ‘युवा आपदा मित्र’ बनी हेमलता सूर्यवंशी ने स्थिति को भांपते हुए बिना देर किए हिम्मत और सूझबूझ से किशोरी को बचा लिया। उनके इस कार्य को देखते हुए राष्ट्रपति भवन से मिले विशेष निमंत्रण आया, जिस पर हेमलता आज दिल्ली के रवाना होंगी। 15 अगस्त की शाम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ होने वाले ‘एट होम’ कार्यक्रम में वह शामिल होंगी।

तैरना नहीं आता था, फिर भी नदी में कूदी 
हेमलता ने बताया इसी साल 10 से 17 मार्च तक होमगार्ड स्टाफ के साथ सात दिन तक ‘युवा आपदा मित्र’ का प्रशिक्षण लिया था। प्रशिक्षण के बावजूद पूरी तरह तैरना नहीं आता था, इसी दौरान उनकी ड्यूटी रामघाट पर लगाई थी। वह लाइफ जॉकेट पहनकर तैनात थी. तभी एक लड़की को डूबते देखा तो नदी मे कुंद गई और उसे बचा लिया. उन्हें प्रशिक्षण के दौरान सीखी तकनीकों, मौके पर तेजी से फैसला लेने की क्षमता के कारण हिम्मत मिली जिससे एक मासूम की जिंदगी बच सकी।

सब इंस्पेक्टर बनने का है सपना
फिलहाल हेमलता प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही हैं। उनका सपना भविष्य में सब-इंस्पेक्टर बनकर देश की सेवा करना है। वह आगामी सिंहस्थ मेले में भी ‘आपदा मित्र’ के रूप में अपनी सेवाएं देने का संकल्प जता चुकी हैं।

केंद्र सरकार की युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत पिछले 2 साल मे 1100 को प्रशिक्षित किया उसी में एक हमारी युवा आपदा मित्र हेमलता सूर्यवंशी को महामहिम राष्ट्रपति के यहां से 15 अगस्त को मिलने का बुलावा आया और यह बड़े गौरव की बात है। वह होशियार,कर्मठ और मेहनती है उन्होंने उज्जैन जिले को गौरवान्वित किया है। -संतोष जाट, डिस्ट्रिक कमांडडेड होमगार्ड 

Share