SCO में मोदी बोले- आतंगवाद पर दोहरा रवैया नहीं चलेगा: शहबाज ने उठाया सिंधु जल समझौता; बोले- पानी को राजनीतिक हथियार न बनाएं

नई दिल्ली। SCO समिट में भारत और पाकिस्तान के रुख अलग-अलग नजर आए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद पर दोहरा रवैया नहीं चलेगा। इसे किसी देश की नीति का हथियार नहीं बनने दिया जा सकता।
वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सिंधु जल समझौते का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पानी का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए नहीं होना चाहिए। शहबाज ने पानी को पूरे क्षेत्र के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया।
शहबाज बोले- पानी राजनीतिक हथियार नहीं
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने SCO देशों के नेताओं के सामने पानी का मुद्दा रखा। उन्होंने कहा कि पानी लाखों लोगों की जिंदगी से जुड़ा है। इससे खेती और आने वाली पीढ़ियों का भविष्य जुड़ा है। साझा नदियों के पानी से जुड़े समझौतों का सम्मान होना चाहिए। उन्होंने इन्हें राजनीतिक सुविधा के हिसाब से बदलने का विरोध किया।
भारत ने हेग कोर्ट के फैसले को नहीं माना
भारत ने हेग स्थित कोर्ट ऑफ आर्बिट्रेशन के फैसले को खारिज किया है। कोर्ट ने कहा था कि 1960 का सिंधु जल समझौता कानूनी रूप से लागू है। इसके तहत भारत और पाकिस्तान के बीच पानी से जुड़े विवादों की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है।
भारत ने इस फैसले को मानने से इनकार किया। भारत का कहना है कि यह ट्रिब्यूनल अवैध तरीके से बनाया गया है। नई दिल्ली ने यह भी कहा कि भारत इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हुआ था।
पहलगाम हमले के बाद समझौता स्थगित
सिंधु जल समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच तनाव पहले से है। अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने समझौते को स्थगित कर दिया था। इस हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। भारत का कहना है कि ट्रिब्यूनल के फैसले का उसकी संप्रभु नीतियों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
मोदी ने आतंकवाद पर दिया कड़ा संदेश
इसी SCO समिट में PM मोदी ने आतंकवाद को लेकर भारत का रुख साफ किया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के खिलाफ सभी देशों को एकजुट होकर कार्रवाई करनी चाहिए। सिर्फ आतंकियों पर कार्रवाई काफी नहीं है। उनके पूरे नेटवर्क को खत्म करना जरूरी है। इसमें आतंकियों की फंडिंग, भर्ती, कट्टरपंथ और सुरक्षित ठिकाने शामिल हैं।
दोनों नेताओं के बयान
SCO मंच पर एक तरफ मोदी ने आतंकवाद के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। दूसरी तरफ शहबाज ने पानी के मुद्दे को उठाया। इससे भारत-पाकिस्तान के बीच आतंकवाद और सिंधु जल समझौते को लेकर मतभेद एक बार फिर सामने आए हैं।