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सतना में सर्पदंश मरीज को नहीं मिला बेड: परिजन हाथ में ड्रिप की बोतल लेकर घूमते रहे; अस्पताल में स्टैंड भी नहीं था

सतना। जिले के कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। सर्पदंश के एक मरीज को उपचार के लिए अस्पताल लाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने के बाद भी उसे बेड उपलब्ध नहीं कराया जा सका। इतना ही नहीं, ड्रिप लगाने के लिए स्टैंड भी नहीं मिला, जिससे मरीज के परिजनों को हाथ में ड्रिप की बोतल पकड़कर उसके साथ चलना पड़ा।

जानकारी के अनुसार, सर्पदंश के बाद मरीज को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया था। चिकित्सकीय प्रक्रिया के तहत उसे ड्रिप लगाई गई, लेकिन अस्पताल में उसे रखने के लिए बेड खाली नहीं था। ड्रिप स्टैंड उपलब्ध नहीं होने के कारण परिजनों को स्वयं बोतल थामे रहना पड़ा। इस दौरान अस्पताल की अव्यवस्था को लेकर परिजनों में नाराजगी देखने को मिली।

सर्पदंश में मरीज को हिलाना-डुलाना खतरनाक
विशेषज्ञों के अनुसार, सर्पदंश के मामलों में मरीज को अनावश्यक रूप से हिलाने-डुलाने से बचाना चाहिए, ताकि जहर तेजी से शरीर में न फैले। ऐसे मामलों में समय पर एंटी-स्नेक वेनम, निगरानी और आराम की व्यवस्था बेहद जरूरी मानी जाती है। इसके बावजूद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में बेड और ड्रिप स्टैंड जैसी बुनियादी सुविधाओं का अभाव गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर उठे सवाल
ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए शासन स्तर पर लगातार दावे किए जाते हैं, लेकिन कोठी अस्पताल की यह स्थिति जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अस्पताल में अक्सर बुनियादी संसाधनों की कमी बनी रहती है, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को परेशानी उठानी पड़ती है।

अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और कोठी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। फिलहाल यह घटना जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था की कमजोर तस्वीर सामने ला रही है।

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