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साध्वी हर्षा बोलीं- भगवान के गेटअप में नाच रहीं नचनिया: शराब-गांजा के साथ हो रहे अश्लील डांस; नहीं रोका तो धर्म का बनेगा मजाक

उज्जैन। मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया उर्फ हर्षानंद गिरि एक बार फिर अपने बयान को लेकर सुर्खियों में हैं। संतों के आश्रम को लेकर विवादित टिप्पणी के बाद अब उन्होंने कावड़ यात्रा के दौरान होने वाली गतिविधियों पर सवाल उठाए हैं।

सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में हर्षा ने कहा कि कुछ कावड़ यात्राओं में शराब और गांजे का इस्तेमाल, झांकियों के साथ डांस करने वालों को बुलाना और अश्लील नृत्य जैसी घटनाएं देखने को मिलती हैं।

उनका कहना है कि आस्था और धर्म के नाम पर ऐसा प्रदर्शन धार्मिक मर्यादाओं को ठेस पहुंचाता है। हर्षा ने कहा कि कावड़ की आड़ में धर्म का मजाक नहीं बनना चाहिए और संतों को इस पर आवाज उठानी चाहिए।

कावड़ यात्रा के बाद कहीं यह बात
उज्जैन में भव्य स्वागत के साथ बाणेश्वरी कावड़ यात्रा का समापन हुआ, लेकिन चार दिन बाद ही यह यात्रा एक नए विवाद में घिर गई। मॉडल से साध्वी बनीं हर्षा रिछारिया ने विधायक गोलू शुक्ला के साथ 3 अगस्त को महेश्वर से कावड़ यात्रा शुरू की थी।

हर्षा ने इसे अपनी पहली कावड़ यात्रा बताया था। 9 अगस्त को यात्रा उज्जैन पहुंची, जहां श्रद्धालुओं ने जोरदार स्वागत किया। इसके बाद गुरुवार को हर्षा ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा कर यात्रा में डीजे, डांस और कथित भांग-शराब की पार्टियों पर सवाल उठाए। उनके बयान के बाद मामला चर्चा में है।

बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा में कांवड़ लेकर चलती हुई साध्वी हर्षानंद।

कावड़ यात्रा की बदलती तस्वीर पर हर्षा का बयान
हर्षा रिछारिया ने कावड़ यात्रा की बदलती परंपरा पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मान्यता के अनुसार कावड़ यात्रा की शुरुआत भगवान परशुराम और रावण से जुड़ी मानी जाती है, जब इसे श्रद्धा और भक्ति के साथ निभाया जाता था।

हर्षा के मुताबिक आज कई यात्राओं में भक्ति के साथ डीजे, झांकियां और नृत्य शामिल हो गए हैं। उन्होंने शराब और गांजे के कथित इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। भगवान शिव-पार्वती के रूप में कलाकारों के अश्लील डांस को लेकर उन्होंने कहा कि ऐसी तस्वीरें देखकर उन्हें शर्मिंदगी महसूस हुई।

बाणेश्वरी कांवड़ यात्रा के दौरान हर्षानंद।

कावड़ यात्रा पर हर्षा रिछारिया का बयान
हर्षा रिछारिया ने कावड़ यात्राओं में बढ़ती कथित अश्लीलता और नशे पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि धार्मिक यात्रा की आड़ में शराब, नशे, तेज डीजे और अश्लील डांस जैसी गतिविधियां सनातन धर्म की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं। हर्षा ने सरकार से नशा करने वालों पर सख्त कार्रवाई और बड़े डीजे व झांकियों पर रोक लगाने की मांग की।

पांच साल बाद हो सकता यह
हर्षा रिछारिया ने कावड़ यात्राओं में बढ़ती कथित अश्लीलता और नशे पर चिंता जताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियों पर अभी रोक लगाना जरूरी है, वरना पांच साल बाद हालात काबू से बाहर हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि धर्म के नाम पर गलत चीजों को बढ़ावा नहीं मिलना चाहिए।

वास्तविक कावड़ियों की पहचान सामने आनी चाहिए। हालांकि, हर्षा खुद बाणेश्वरी कावड़ यात्रा में महेश्वर से उज्जैन तक शामिल हुई थीं, जहां डीजे और बहरूपियों के डांस भी नजर आए थे। उन्होंने अपनी आपत्ति हरिद्वार से निकली कावड़ यात्राओं को लेकर जताई।

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