रीवा CMO महिला से बोले- 9 बजे इंतज़ार करूंगा: कहा- मेरे घर में कोई नहीं रहता; सहकर्मी आयुक्त को लिखा पत्र

रीवा । चाकघाट नगर परिषद के CMO शंखधर पाण्डेय का बताया जा रहा एक ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ऑडियो में एक अधिकारी महिला सहकर्मी को छुट्टी के दिन सुबह 9 बजे अपने निजी आवास पर आने के लिए तौर पर दबाव बनाते सुनाई दे रहे हैं।
महिला कर्मचारी बातचीत के दौरान घर आने में असमर्थता जताती है, जबकि अधिकारी बार-बार उसे आने के लिए कहते हैं। ऑडियो सामने आने के बाद सरकारी कार्यालयों में महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और कार्यस्थल के माहौल को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
मेरे घर में कोई नहीं रहता
अधिकारी महिला कर्मचारी से कहते सुनाई दे रहे हैं कि उनके घर में कोई नहीं रहता है। महिला जब वहां आने को लेकर असमंजस जाहिर करती है तो अधिकारी कथित तौर पर उसे समझाने की कोशिश करते हैं। महिला यह भी कहती सुनाई दे रही है कि अगर घर से कोई पूछेगा तो वह क्या जवाब देगी।
इस पर अधिकारी कथित तौर पर उसे यह कहने का तरीका बताते हैं कि लोक अदालत में जमा होने वाले टैक्स की राशि चढ़ानी है। इसके बाद वह कहते हैं कि बाकी जिम्मेदारी उनकी होगी।
महिला बोली- ऑफिस नहीं गई तो कर्मचारियों को पता चल जाएगा
बातचीत के दौरान महिला कर्मचारी कुछ अन्य कर्मचारियों का नाम भी लेती सुनाई दे रही है। वह कहती है कि यदि वह ऑफिस नहीं जाएगी तो साथ काम करने वाले कर्मचारियों को पता चल जाएगा। महिला की ओर से लगातार ना-नुकर किए जाने के बाद अधिकारी कथित तौर पर उसे अपने द्वारा किए गए सहयोग का हवाला देते हैं और चेतावनी देने के अंदाज में बात करते हैं।
मैं 9 बजे तुम्हारा इंतजार करूंगा
वायरल ऑडियो के आखिर में अधिकारी महिला कर्मचारी से कहते सुनाई दे रहे हैं कि वह सुबह 9 बजे उसका इंतजार करेंगे और आने के बाद फोन करने को कहते हैं। ऑडियो में हुई बातचीत को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। मामले में यह भी चर्चा है कि संबंधित आउटसोर्स महिला कर्मचारी को करीब दो महीने पहले ड्यूटी से हटाया गया था और बाद में दोबारा काम पर बुलाया गया।
ऑडियो की जांच के बाद ही साफ होगी सच्चाई
फिलहाल वायरल ऑडियो को लेकर आधिकारिक स्तर पर क्या कार्रवाई हुई है, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है। ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज वास्तव में CMO शंखधर पाण्डेय की ही है या नहीं और बातचीत किस परिस्थिति में हुई। मामले की निष्पक्ष जांच होने पर ही वायरल ऑडियो में लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविकता सामने आएगी। महिला कर्मचारी की ओर से कोई औपचारिक शिकायत की गई है या नहीं।