उज्जैन में इंजीनियरों ने ली शपथ: देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया; कहा- समय के साथ बदलना जरूरी

उज्जैन। इंजीनियरिंग कॉलेज में अभियंता दिवस पर मंगलवार को पहली बार अनोखी पहल देखने को मिली। यहां इंजीनियरिंग के बदलते दौर और नई सदी की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए ‘इंजीनियर्स शपथ’ का अनावरण किया गया।
इस शपथ में तकनीकी ज्ञान के साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प शामिल है। कॉलेज के पूर्व छात्रों के समूह ‘गेसु संवाद’ ने इसे तैयार किया है। अब इसे देश-दुनिया के इंजीनियरों तक पहुंचाने की तैयारी है।
इंजीनियर के काम में ईमानदारी और जनहित की भावना भी जरूरी
कार्यक्रम में पुनीत भट्ट ने कहा कि जिस तरह डॉक्टर अपने पेशे की जिम्मेदारियों के लिए हिप्पोक्रेटिक प्लेज लेते हैं, उसी तरह इंजीनियरों के लिए भी ऐसी शपथ जरूरी है। इंजीनियर सड़क, पुल, भवन, मशीन और तकनीकी व्यवस्थाएं तैयार करते हैं, जिनका सीधा असर लोगों की जिंदगी और सुरक्षा पर पड़ता है। इसलिए उनके काम में तकनीकी दक्षता के साथ कर्तव्य, ईमानदारी और जनहित की भावना भी जरूरी है।
विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों के सहयोग हुई रणनीति तैयार
कार्यक्रम में पुनीत भट्ट ने बताया कि इंजीनियरिंग जगत में प्रचलित कई शपथ और ‘इंजीनियर्स क्रीड’ 100 साल पुराने हैं। बदलते दौर और नई चुनौतियों को देखते हुए नई शपथ तैयार करने का विचार आया। इसे कॉलेज के फैकल्टी, विद्यार्थियों और पूर्व छात्रों ने मिलकर तैयार किया है। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए नहीं, बल्कि देश-दुनिया के हर इंजीनियर के लिए है। कार्यक्रम में सभी ने सामूहिक शपथ ली।