|

री-NEET से पहले भीलवाड़ा में फर्जी पेपर रैकेट का खुलासा, टेलीग्राम पर ₹4 हजार में बेच रहा था प्रश्नपत्र

री-NEET परीक्षा से ठीक तीन दिन पहले राजस्थान के भीलवाड़ा में पुलिस ने कथित फर्जी पेपर रैकेट का खुलासा करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी टेलीग्राम चैनल के माध्यम से छात्रों को असली प्रश्नपत्र देने का झांसा देकर उनसे पैसे वसूल रहा था।

टेलीग्राम पर चला रहा था ‘पेपर माफिया’ चैनल

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान 19 वर्षीय आकाश चौधरी के रूप में हुई है। उसे गुरुवार देर रात भीलवाड़ा के पटेल नगर स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया गया।

जांच में सामने आया कि आरोपी ने टेलीग्राम पर “पेपर माफिया” नाम से एक चैनल बनाया हुआ था, जिसमें 52 सदस्य जुड़े हुए थे। वह री-NEET परीक्षा का कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के नाम पर प्रत्येक छात्र से ₹4,000 वसूल रहा था।

QR कोड से लेता था भुगतान

पुलिस के मुताबिक आरोपी छात्रों को QR कोड भेजकर अपने बैंक खाते में रकम ट्रांसफर करवाता था। इसके बाद उन्हें कथित प्रश्नपत्र उपलब्ध कराए जाते थे।

हालांकि जांच में सामने आया कि ये प्रश्नपत्र वास्तविक नहीं थे, बल्कि नीट की तैयारी से जुड़ी किताबों के पन्नों को स्कैन कर तैयार किए गए डमी पेपर थे।

केंद्र सरकार के पोर्टल से मिली सूचना

प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताड़ा के अनुसार भारत सरकार के एस-मेक पोर्टल के माध्यम से एसपी कार्यालय की विशेष शाखा को संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी।

इसके साथ ही जिला स्पेशल टीम (DST) को भी इनपुट मिला था कि एक युवक सोशल मीडिया के जरिए पेपर लीक के नाम पर छात्रों को ठग रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया।

पहचान छिपाने के लिए VPN का इस्तेमाल

पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अपनी पहचान छिपाने के लिए अमेरिका आधारित वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (VPN) और प्रॉक्सी नेटवर्क का उपयोग कर रहा था।

इन्हीं तकनीकी माध्यमों से वह टेलीग्राम अकाउंट संचालित कर अभ्यर्थियों से संपर्क करता था और खुद को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रहा था।

मोबाइल, दस्तावेज और डिजिटल सबूत जब्त

तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन, नीट की तैयारी संबंधी किताबें और अन्य दस्तावेज बरामद किए हैं। मोबाइल की डिजिटल फॉरेंसिक जांच कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है।

कई धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी, आईटी एक्ट और सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि आरोपी ने अब तक कितने छात्रों से पैसे लिए, उसके बैंक खातों में कितनी राशि जमा हुई और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।

बड़े खुलासे की संभावना

पुलिस का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस पूरे फर्जी पेपर रैकेट और इसके संचालन के तरीके को लेकर और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं। री-NEET परीक्षा से पहले हुई इस कार्रवाई को परीक्षा सुरक्षा के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

Share

Similar Posts