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राजसी ठाठ-बाठ से निकला 46वां शिवडोला: नासिक के ढोल-ताशे पर झूमे श्रद्धालु; दिल्ली की अघोरी बारात ने मोहा मन

बड़वानी। श्रावण मास की पूर्णाहुति पर नगर के आराध्य भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव का 46वां शिवडोला सोमवार शाम राजसी ठाठ-बाठ के साथ नगर भ्रमण पर निकला। बावनगजा रोड स्थित श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव मंदिर से निकले शाही डोले में भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव फूलों और आकर्षक रोशनी से सजे रथ में विराजित थे। डोले के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े और पूरा शहर शिवमय हो गया।

नासिक के ढोल-ताशे और दिल्ली की अघोरी बारात बनी आकर्षण
शिवडोले के साथ नासिक, महाराष्ट्र के प्रसिद्ध ढोल-ताशा पथक ने प्रस्तुति दी। दिल्ली की शिव अघोरी बारात भी आकर्षण का केंद्र रही। इसमें भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों, नंदी-गण, भूत-पिशाच और देवी-देवताओं की प्रस्तुतियां शामिल रहीं।

धार्मिक और सामाजिक संदेशों पर आधारित झांकियां
डोले में विभिन्न धार्मिक और सामाजिक संदेशों पर आधारित झांकियां शामिल थीं। गुजरात के आदिवासी लोकनृत्य, धनगर समाज की भजन प्रस्तुति, राधाकृष्ण रास और कृष्ण-सुदामा की प्रस्तुति ने शोभायात्रा की भव्यता बढ़ाई। श्री बजरंग व्यायामशाला के पहलवानों ने पारंपरिक अखाड़ा प्रदर्शन किया। उन्होंने शौर्य और प्राचीन युद्धकला का प्रदर्शन किया।

जगह-जगह पुष्पवर्षा, लगे हर-हर महादेव के जयकारे
डोला मार्ग पर विभिन्न सामाजिक और धार्मिक संगठनों ने भगवान श्रीरामकुल्लेश्वर महादेव का स्वागत किया। जगह-जगह पुष्पवर्षा हुई। हर-हर महादेव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया। मार्ग के दोनों ओर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ मौजूद रही।

40 से अधिक स्थानों पर जलपान और प्रसादी की व्यवस्था
श्रद्धालुओं की सेवा के लिए शहर में 40 से अधिक स्थानों पर जलपान और प्रसादी के स्टॉल लगाए गए थे। यहां पेयजल, प्रसादी और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं। पारंपरिक आलू की विशेष प्रसादी का भी वितरण किया गया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए करीब 8 से 10 स्थानों पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। मेडिकल टीम के साथ एंबुलेंस भी तैनात रही।

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