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राजा रघुवंशी हत्याकांड : सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, सोनम रघुवंशी को तीन सप्ताह में करना होगा सरेंडर

इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की हत्या की आरोपी सोनम रघुवंशी फिर जेल जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय पुलिस की याचिका को मंजूर करते हुए सोनम को सरेंडर करने के आदेश दिए हैं। इसके लिए तीन सप्ताह का समय दिया गया है।

पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने कहा था

इसके पहले सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कहा था कि वह या तो सरेंडर करे या फिर कोर्ट मेरिट के आधार पर याचिका पर फैसला करेगा। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को केस की सुनवाई हुई। इसमें सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया।

27 अप्रैल से जमानत पर थी सोनम

मेघालय की सोहरा जिला कोर्ट से 27 अप्रैल को सोनम रघुवंशी को जमानत मिली थी। इसके लिए चौथा आवेदन मंजूर हुआ था। सोनम के अधिवक्ता का तर्क था कि गिरफ्तारी आदेश में धारा 103 की जगह 403 लिखी है और सोनम को उनके आरोपों की पुलिस ने सही जानकारी नहीं दी। मेघालय हाईकोर्ट ने भी जिला कोर्ट के आदेश को बनाए रखा और कहा कि पुलिस ने कई गलतियां की है। इसे मेघालय पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।

मेघालय सरकार के यह थे तर्क

इस मामले में केंद्र सरकार की ओर से सालिसिटर जनरल पेश हुए थे। सरकार ने यह तर्क रखे कि रंगे हाथों पकड़े जाने वाले आरोपी और सरेंडर करने वाले आरोपी को यह छूट नहीं हो सकती है कि उसे गिरफ्तारी का आधार नहीं पता था। यह तो उन्हें पता ही होता है और केवल क्लर्कीकल गलती के कारण आरोपी को जमानत नहीं दी जा सकती है।

राजा का परिवार बोला था सोनम गुरु बन गई है

इस मामले में राजा का परिवार सोनम की जमानत के बाद से ही नाराज था। राजा के भाई विपिन ने कहा था कि पुणे में सिया कांड हो या झारखंड का कांड, इसमें सभी महिलाओं के लिए सोनम आदर्श बन रही है और वह सभी की गुरु बन रही है। उसके केस की हिस्ट्री देख-देखकर महिलाएं हत्या करना सीख रही हैं। यह गलत संदेश पूरे समाज में जा रहा है। यदि सोनम को सजा नहीं हुई और जेल नहीं गई तो इसे महिलाओं को गलत सीख मिलेगी। राजा का परिवार इसमें सीबीआई जांच की भी मांग कर रहा है

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