ऑपरेशन सिंदूर के एक साल बाद बड़ा रक्षा प्लान, भारत तैयार करेगा 50 हजार जवानों की ड्रोन फोर्स

ऑपरेशन सिंदूर की पहली वर्षगांठ के मौके पर भारत ने रक्षा क्षेत्र में एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। देश में पहली बार 50 हजार जवानों की विशेष ड्रोन फोर्स तैयार की जाएगी, जो आधुनिक युद्ध तकनीक और निगरानी क्षमताओं को मजबूत करेगी।
रक्षा सूत्रों के मुताबिक अगले तीन वर्षों में देशभर में 15 नए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों में ड्रोन तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, निगरानी प्रणाली और आधुनिक युद्ध कौशल से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य के युद्धों में ड्रोन तकनीक निर्णायक भूमिका निभाने वाली है। ऐसे में भारत का यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और रक्षा आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Narendra Modi सरकार लगातार रक्षा क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक और आधुनिक सैन्य क्षमताओं को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद ड्रोन आधारित सुरक्षा रणनीति को और मजबूत करने की योजना बनाई गई है।
रक्षा अधिकारियों के अनुसार नई ड्रोन फोर्स का उपयोग सीमा निगरानी, आतंकवाद विरोधी अभियानों, खुफिया जानकारी जुटाने और आपातकालीन सैन्य ऑपरेशन में किया जाएगा। इससे सेना की रियल टाइम प्रतिक्रिया क्षमता भी बढ़ेगी।
इन नए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में सेना, अर्धसैनिक बलों और तकनीकी विशेषज्ञों को आधुनिक ड्रोन सिस्टम और साइबर सुरक्षा से जुड़ी ट्रेनिंग दी जाएगी। साथ ही घरेलू रक्षा उद्योग और स्टार्टअप्स को भी इस परियोजना से जोड़ा जाएगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक स्तर पर ड्रोन युद्ध और एआई आधारित सैन्य तकनीक तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में भारत का यह कदम भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए बेहद अहम माना जा रहा है।






