निठारी कांड: सुरेंद्र कोली कौन था? 19 साल जेल में रहा; बरी होने के बाद हरिद्वार में चाय की दुकान चला रहा था, अब मौत

हरिद्वार। नोएडा के चर्चित निठारी कांड के आरोपी रहे सुरेंद्र कोली की हरिद्वार में मौत हो गई। उसका शव भूपतवाला इलाके में उसकी चाय की दुकान के अंदर मिला। पुलिस के मुताबिक, शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का लग रहा है। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
सुरेंद्र कोली निठारी कांड के बाद करीब 19 साल तक जेल में रहा। इस मामले में उसे कई मामलों में दोषी ठहराया गया था और फांसी की सजा भी सुनाई गई थी। बाद में अदालतों ने कई मामलों में उसे बरी कर दिया। नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट से अंतिम लंबित मामले में भी उसे राहत मिली और वह जेल से बाहर आ गया।
क्या था निठारी कांड?
निठारी कांड की शुरुआत 2005-06 में हुई। नोएडा के निठारी इलाके में कई बच्चे और युवतियां लापता हो रहे थे। 29 दिसंबर 2006 को नोएडा के निठारी गांव में एक घर के पीछे नाले के पास मानव कंकाल और शरीर के अवशेष मिले। इसके बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा में आ गया। इस मामले में मोनिंदर सिंह पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को आरोपी बनाया गया था। बाद में मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई।
जांच से लेकर कोर्ट तक मामला कैसे पहुंचा?
पहले निठारी मामले की जांच नोएडा पुलिस कर रही थी। बाद में जनवरी 2007 में जांच सीबीआई को सौंप दी गई। सीबीआई ने इस मामले में कई केस दर्ज किए। अलग-अलग मामलों में सुरेंद्र कोली को दोषी ठहराया गया और उसे फांसी की सजा भी सुनाई गई। लेकिन बाद में इन फैसलों को ऊपरी अदालतों में चुनौती दी गई। कई मामलों में उसे बरी कर दिया गया। 2023 में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने निठारी से जुड़े 12 मामलों में कोली को बरी किया था।

फांसी की सजा भी टली थी
एक समय सुरेंद्र कोली को फांसी देने की तैयारी हो चुकी थी। सितंबर 2014 में मेरठ जेल में उसकी फांसी होनी थी। लेकिन फांसी से कुछ घंटे पहले सुप्रीम कोर्ट का आदेश जेल प्रशासन को मिला। इसके बाद उसकी फांसी टाल दी गई। बाद में कानूनी प्रक्रिया चलती रही और कोली को अलग-अलग मामलों में राहत मिलती गई।
नवंबर 2025 में आखिरी मामले में भी बरी
नवंबर 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने निठारी मामले से जुड़े आखिरी लंबित केस में भी सुरेंद्र कोली को बरी कर दिया। इसके बाद वह जेल से बाहर आ गया। करीब 19 साल जेल में रहने के बाद उसने हरिद्वार में रहना शुरू किया।
जेल से बाहर आने के बाद चाय की दुकान चलाता था
जेल से रिहा होने के बाद सुरेंद्र कोली हरिद्वार के भूपतवाला इलाके में रहने लगा था। उसने वहां कुछ दिन पहले ही चाय की छोटी दुकान शुरू की थी। इसी दुकान के अंदर उसका शव मिला। मौके से मिली आईडी और फोटो के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान सुरेंद्र कोली के रूप में की। फिलहाल पुलिस उसकी मौत के पूरे मामले की जांच कर रही है। आत्महत्या के पीछे की वजह अभी सामने नहीं आई है।
कौन था सुरेंद्र कोली?
सुरेंद्र कोली उत्तराखंड के अल्मोड़ा इलाके का रहने वाला था। उसका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था। युवावस्था में वह छोटे-मोटे काम करता था। बाद में वह दिल्ली आया। इसके बाद वह नोएडा में मोनिंदर सिंह पंढेर की D-5 कोठी में घरेलू सहायक के तौर पर काम करने लगा। निठारी कांड सामने आने के बाद उसका नाम इस मामले से जुड़ा और वह देशभर में चर्चा में आ गया।