मुंबई-गोवा हाईवे में देरी पर गडकरी नाराज: बोले- उद्घाटन में नहीं आऊंगा; अक्टूबर में सड़क से गोवा जाकर जांच करूंगा

नई दिल्ली। मुंबई-गोवा हाईवे के चौड़ीकरण में हो रही देरी पर केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि करीब 15 साल से चल रहे इस काम में इतनी देरी होने पर उन्हें शर्मिंदगी महसूस होती है। गडकरी ने कहा कि हाईवे का काम पूरा होने के बाद भी वे इसके उद्घाटन कार्यक्रम में शामिल नहीं होंगे।
गडकरी ने कहा कि वे अक्टूबर में मुंबई एयरपोर्ट पहुंचकर सड़क मार्ग से गोवा जाएंगे। इस दौरान वे खुद हाईवे का निरीक्षण करेंगे और देखेंगे कि यात्रियों के लिए सफर कितना आसान हुआ है।
2011 में शुरू हुआ था काम
मुंबई-गोवा हाईवे को चार लेन बनाने का काम 2011 में शुरू हुआ था। इसे 2016 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन कई बार समयसीमा बढ़ाई गई। 485 किलोमीटर लंबे पनवेल से गोवा/महाराष्ट्र सीमा वाले हिस्से में 465 किलोमीटर सड़क को चार लेन किया जा चुका है। करीब 20 किलोमीटर का काम अभी बाकी है। जून 2026 तक काम पूरा करने का लक्ष्य था, लेकिन यह समयसीमा भी निकल चुकी है।
हाईवे का करीब 93-94% काम पूरा हो चुका है। हालांकि कुछ अहम हिस्से, बायपास, पुल और दूसरे काम अभी बाकी हैं। इस वजह से कई जगह यात्रियों को डायवर्जन, ट्रैफिक जाम, जलभराव और सड़क की मरम्मत जैसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश के बाद सड़क पर गड्ढे
हाईवे के कुछ नए बने हिस्सों पर इस साल मानसून के बाद गड्ढे और सड़क की सतह खराब होने की शिकायतें सामने आईं। इससे सड़क की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे हैं। कन्नाला एनिमल सेंक्चुरी के पास 2021 में बनाया गया मंकी ओवरपास भी गिर चुका है। इसे लेकर सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ी है।
ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई की बात
गडकरी ने कहा कि वे खराब काम और देरी के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और अधिकारियों पर कार्रवाई करेंगे। उन्होंने कहा कि अगले एक साल में ज्यादा से ज्यादा ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट करने और जिम्मेदार अधिकारियों को निलंबित करने का रिकॉर्ड बनाना चाहते हैं।
16 हजार करोड़ रुपए खर्च
मुंबई-गोवा हाईवे परियोजना पर करीब 16 हजार करोड़ रुपए खर्च होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद कई हिस्सों में काम पूरा नहीं हुआ है। इस परियोजना का लक्ष्य पनवेल से गोवा/महाराष्ट्र सीमा तक लगातार चार लेन का हाईवे तैयार करना है। पूरा होने के बाद मुंबई, कोंकण और गोवा के बीच सफर आसान और तेज होने की उम्मीद है।