लुम्बिनी में तीसरा अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन शुरू, दुनिया को दिया शांति का संदेश

लुम्बिनी में तीसरे अंतरराष्ट्रीय शांति सम्मेलन का भव्य शुभारंभ हुआ है, जहां दुनिया भर से लोग शांति और मानवता के संदेश को आगे बढ़ाने के लिए एकत्र हुए हैं। इस आयोजन के साथ तीसरा अंतरराष्ट्रीय ध्यान दिवस भी शुरू हो गया है।

बुद्ध की धरती से शांति का संदेश

नेपाल सरकार के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रालय, नेपाल पर्यटन बोर्ड, लुम्बिनी विकास कोष और नेपाल ओलंपिक समिति द्वारा संयुक्त रूप से इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

संस्कृति, पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन मंत्री अनिल कुमार सिन्हा ने कहा कि आज के अस्थिर और चुनौतियों से भरे विश्व में शांति ही सबसे बड़ा विकल्प है।

यूनेस्को धरोहर और वैश्विक महत्व

लुम्बिनी, जो यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल है, भगवान गौतम बुद्ध की जन्मस्थली है। यहां स्थित अशोक स्तंभ और अन्य ऐतिहासिक स्थल सदियों से विश्व को अहिंसा और करुणा का संदेश देते रहे हैं।

मंत्री सिन्हा ने कहा कि लुम्बिनी केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पूरी मानवता के लिए शांति और संतुलन का प्रतीक है।

विविध कार्यक्रमों के जरिए एकजुटता

इस वर्ष के सम्मेलन में ध्यान, संगीत कार्यक्रम और मैराथन जैसे आयोजनों के माध्यम से शांति, विकास, समानता, न्याय और लोकतंत्र जैसे मूल्यों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा, “यदि मन शांत होगा तो देश भी शांत रहेगा और जब मन में समानता होगी तो पूरा विश्व संतुलित रहेगा।”

यह सम्मेलन न केवल नेपाल, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक संदेश है कि वैश्विक संकटों के बीच संवाद, सहिष्णुता और शांति ही मानवता का भविष्य तय करेंगे

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