कुनो में चीता प्रोजेक्ट की सफलता के बाद फेज-2 की तैयारी, मध्यप्रदेश के तीन अभ्यारण्य दावेदारी में आगे
कुनो नेशनल पार्क में चिता प्रोजेक्ट सक्सेस की राह पर दिखाई दे रहा है। 2022 में नामीबिया से 8 और दक्षिण अफ्रीका से 12 चीते आए थे। आज कुनो में 15 और व्यस्क और 12 बच्चे है। कुल 27 चीते है। 4 बच्चे इसी साल पैदा हुए। यह प्रोजेक्ट चीता का फेज 1 था। अब फेज 2 की तैयारी है।
कूनो अभ्यारण्य का रिपोर्ट कार्ड
कुनो में 2022 से चीता प्रोजेक्ट चल रहा है। 20 चीते नामीबिया-दक्षिण अफ्रीका से आए थे। आज 15 वयस्क और 12 बच्चे हैं। कुल 27 चीते हैं। 4 बच्चे 2026 में पेदा हुए। शुरुआत में 10 चीते मरै। बीमारी और गर्मीं वजह थी। अब वेटरनरी केयर बेहतर है। रेडियो कॉलर से ट्रेकिंग हो रही है। शिकार भी मिल रहा है। कुनो मॉडल सक्सेस माना जा रहा है।
मध्यप्रदेश पहले से तैयार
देश में चीतों को संभालने का एकमात्र अनुभव मध्य प्रदेश के पास है। नौरादेही अभ्यारण्य 1200 वर्ग किमी में फेला है। यहां काले हिरण के झुंड यानी चीतों के लिए पर्याप्त भोजन है। गांधी सागर अभ्यारण्य चंबल से सटा है वहीं माधव पार्क शिवपुरी में है। तीनों जगह बाड़ाबंदी की जा सकती है। कूनो के अनुभव के आधार पर इन तीनों में तैयारी भी परी कर ली है।
केंद्र और NTC करेंगे फैसला
कुनो के बाद देश के किस राज्य और किस अभ्यारण में चीतों का दूसरा घर बनने का मौका बनेगा। अभी इस निर्णय पर विचार किया जा रहा है। हालांकि मध्यप्रदेश के दिन गुजरात के दो इस रेस में आगे दिखाई दे रहे है। केंद्र सरकार और नेशनल टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी निर्णय करेगी चीते किस अभ्यारण को मिल सकते है।
