केन-बेतवा आंदोलन को कांग्रेस का समर्थन: राहुल गांधी बोले-पुनर्वास और मुआवजा जरूरी; प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया

भोपाल । मध्य प्रदेश में केन-बेतवा परियोजना का विरोध कर रहे आदिवासी सत्याग्रहियों के एक प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने परियोजना के कारण संभावित विस्थापन, डूब क्षेत्र में आने वाले गांवों और पुनर्वास से जुड़ी परेशानियों की जानकारी उन्हें दी।
प्रभावित परिवारों ने बताया कि परियोजना से कई गांवों के अस्तित्व पर खतरा मंडरा रहा है और लोगों को अपने घर छोड़ने की आशंका सता रही है। उन्होंने पुनर्वास और मुआवजे की प्रक्रिया को लेकर भी चिंता जताई।
जल, जंगल और जमीन पर असर की बात कही
मुलाकात के दौरान राहुल गांधी ने कहा कि केन-बेतवा परियोजना का असर आदिवासी समुदाय के जल, जंगल और जमीन पर पड़ रहा है। उनका कहना था कि जिन गांवों में लोग वर्षों से रह रहे हैं, वे डूब क्षेत्र में आ सकते हैं, जिससे बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित होंगे। उन्होंने कहा कि इसी कारण लोगों को आंदोलन का सहारा लेना पड़ रहा है।

पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण तरीके से सत्याग्रह कर रहे आदिवासियों के खिलाफ पुलिस बल का उपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में लोगों को अपनी बात रखने और विरोध दर्ज कराने का अधिकार है। सरकार को आंदोलनकारियों से बातचीत करनी चाहिए थी, लेकिन उनकी बात सुनने के बजाय दबाव बनाने की कोशिश की गई।
मुआवजा और पुनर्वास को बताया अधिकार
उन्होंने कहा कि यदि किसी सरकारी परियोजना के कारण लोगों को अपने घर और गांव छोड़ने पड़ते हैं, तो उन्हें उचित मुआवजा और सम्मानजनक पुनर्वास मिलना चाहिए। राहुल गांधी ने कहा कि आदिवासी समाज के लिए जल, जंगल और जमीन केवल संपत्ति नहीं, बल्कि उनकी आजीविका और सांस्कृतिक पहचान का आधार हैं।
कांग्रेस ने समर्थन का भरोसा दिया
राहुल गांधी ने प्रभावित परिवारों को आश्वासन दिया कि कांग्रेस पार्टी उनके संघर्ष में उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के सम्मान, अधिकार और न्याय से जुड़े मुद्दों पर पार्टी उनकी आवाज उठाती रहेगी।