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नड्डा ने प्राथमिक स्वास्थ्य टीमों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण मॉडल लॉन्च किया, महिलाओं की भूमिका पर जोर

Jagat Prakash Nadda ने प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल टीमों के लिए एकीकृत प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया है।

यह पहल हाल ही में आयोजित 10वें राष्ट्रीय सम्मेलन “Innovation and Inclusivity: Best Practices Shaping India’s Health Future” के दौरान शुरू की गई।

स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर फोकस

Ministry of Health and Family Welfare के अनुसार इस कार्यक्रम का उद्देश्य अलग-अलग प्रशिक्षण मॉडलों को एकीकृत कर दक्षता आधारित ढांचे में बदलना है, ताकि अग्रिम पंक्ति के स्वास्थ्यकर्मियों को अधिक सक्षम और संवेदनशील बनाया जा सके।

इस पहल से अंतिम छोर तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच मजबूत होगी और विकसित भारत 2047 के विजन को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

“यह सार्वजनिक स्वास्थ्य भविष्य में निवेश”

जेपी नड्डा ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण सुधार नहीं, बल्कि भारत के सार्वजनिक स्वास्थ्य भविष्य में रणनीतिक निवेश है।

उन्होंने कहा कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी, बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा और आम जनता का स्वास्थ्य व्यवस्था पर भरोसा मजबूत होगा।

आयुष्मान आरोग्य मंदिर होंगे केंद्र

मंत्रालय के अनुसार Ayushman Bharat कार्यक्रम के तहत स्थापित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों को रोकथाम, संवर्धन और उपचारात्मक देखभाल का प्रमुख केंद्र बनाया गया है।

जन आरोग्य समितियों, महिला आरोग्य समितियों और ग्राम स्वास्थ्य एवं स्वच्छता समितियों के जरिए सामुदायिक भागीदारी को भी इस मॉडल का अहम हिस्सा बनाया गया है।

महिलाओं की भूमिका पर विशेष जोर

Narendra Modi ने कहा कि सच्ची प्रगति जनकेंद्रित होती है और स्वास्थ्य सेवाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचनी चाहिए।

इस प्रशिक्षण मॉडल की खास बात यह है कि यह महिलाओं को सशक्त बनाने पर भी केंद्रित है। आशा, एएनएम और सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (CHO) सहित प्राथमिक स्वास्थ्य कार्यबल में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं।

डिजिटल प्लेटफॉर्म से होगी सतत सीख

इस पहल के तहत iGOT Karmayogi के माध्यम से डिजिटल प्रशिक्षण और सतत सीखने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

इससे स्वास्थ्यकर्मी बदलती स्वास्थ्य जरूरतों के अनुरूप अधिक सक्षम और भविष्य के लिए तैयार बन सकेंगे।

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