वडोदरा की शिक्षिका ने हाथ से लिखी 2000 पन्नों की हिंदी रामायण

Vadodara की शिक्षिका रेखाबेन ठक्कर ने भक्ति, श्रद्धा और समर्पण का अनोखा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने करीब 20 महीनों की मेहनत से हिंदी भाषा में 2000 पन्नों की हस्तलिखित रामायण तैयार की है।
संगीत विषय में स्नातकोत्तर और अंग्रेजी शिक्षिका रेखाबेन ठक्कर कोरोना काल के दौरान टीवी पर प्रसारित Ramayan से प्रेरित हुईं। उसी दौरान उनके मन में पूरी रामायण अपने हाथों से लिखने का विचार आया।
20 महीनों तक लगातार किया लेखन
वडोदरा के हरणी-वारसिया रिंग रोड क्षेत्र में रहने वाली रेखाबेन ने इस कार्य के लिए Vadodara Central Library से रामायण के विभिन्न संस्करणों का अध्ययन किया।
इसके बाद उन्होंने नियमित रूप से लेखन शुरू किया और लगभग 20 महीनों में 2000 पन्नों का विशाल हस्तलिखित ग्रंथ तैयार कर लिया।
रेखाबेन के अनुसार यह कार्य केवल लेखन नहीं, बल्कि उनके लिए आध्यात्मिक साधना और श्रद्धा का माध्यम था।
अब गुजराती अनुवाद पर काम
रेखाबेन ने बताया कि हिंदी में रामायण पूरी करने के बाद अब वह इसका गुजराती भाषा में अनुवाद भी कर रही हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग इस ग्रंथ से जुड़ सकें।
उनकी इस अनूठी पहल की स्थानीय स्तर पर काफी सराहना हो रही है और लोग इसे भारतीय संस्कृति एवं आध्यात्मिक परंपरा के प्रति समर्पण का प्रेरणादायी उदाहरण बता रहे हैं।






