जेईई एडवांस पास करने के बाद भी मुश्किल में छात्र, 23 आईआईटी में 35 फीसदी शिक्षकों के पद खाली, विद्यार्थी परेशान
देश की सबसे मुश्किल परीक्षा जेईई एडवांस पास करने के बावजूद विद्यार्थी अपने भविष्य को लेकर चिंतित है इसका बड़ा कारण है आईआईटी में शिक्षकों का न होना । जानकारी के अनुसार अभी भी 23 आईआईटी में 4300 से ज्यादा प्रोफेसर के पद खाली पड़े हुए है। जेईई एडवांस देकर पास हुए छात्र कॉलेज तो चले जाएंगे लेकिन उन्हें पढ़ाएगा कौन यह सवाल अभी भी बना हुआ है।
प्रोफेसरों के 4,300 से ज्यादा पद रिक्त
उल्लेखनीय है कि देश में कुल मिलकर 23 आईआईटी है जिसमें प्रोफेसरों के 4,300 से ज्यादा यानी करीब 32 से 35 फीसदी पद खाली पड़े हैं। आईआईटी पटना और खड़गपुर जैसे दिग्गज संस्थानों में तो आधे से ज्यादा फैकल्टी के पद पर अभी तक किसी को नियुक्त नहीं किया गया हैं। कई बार चयन प्रक्रिया चलाने के बावजूद योग्य उम्मीदवार न मिलने से यह संकट और बढ़ता जा रहा है। इस वजह से शोध और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
नया सत्र शुरू पर शिक्षक अभी भी गायब
सभी 23 आईआईटी में 20 जुलाई से बीटेक प्रथम वर्ष के छात्रों का नया शैक्षणिक सत्र 2026-27 भी शुरू हो गया है। ऐसे में शिक्षकों की कमी से विश्वस्तरीय गुणवत्ता युक्त शिक्षा का सपना पूरा होना नामुमकिन है। आईआईटी ने इन खाली पदों को भरने के लिए कई बार चयन प्रक्रिया शुरू की पर योग्य उम्मीदवार नहीं मिल पा रहे हैं। केंद्र सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक, जेईई एडवांस की कठिन परीक्षा पास करने के बाद आईआईटी में गुणवत्ता युक्त पढ़ाई का सपना लेकर छात्र दिग्गज प्रौद्योगिकी संस्थानों में दाखिला लेते हैं। आईआईटी में करीब 12500 प्रोफेसर के पद स्वीकृत हैं।
प्रोफेसर के करीब 32 से 35 फीसदी पद खाली
मार्च 2026 के डाटा के अनुसार, प्रोफेसर के करीब 32 से 35 फीसदी पद खाली पड़े हैं। सबसे अधिक प्रोफेसर के पद आईआईटी खड़गपुर, आईआईटी धनबाद और आईआईटी गोवा में 51 से 45 फीसदी तक खाली हैं। आईआईटी पटना में करीब 52 फीसदी पद खाली हैं। इसमें आईआईटी कानपुर व आईआईटी बॉम्बे में करीब 32 फीसदी, आईआईटी मंडी में 43 फीसदी, आईआईटी रोपड़ में 14 फीसदी, बीएचयू में 30 फीसदी, आईआईटी गोवा में 45 फीसदी, आईआईटी गुवाहाटी में 42 फीसदी तो आईआईटी धनबाद में 48 फीसदी समेत अन्य पद रिक्त हैं।
पुराने आईआईआईटी में भी बुरे हालात
सिर्फ नए आईआईटी में ही नहीं बल्कि पुराने आईआईटी में आईआईटी खड़गपुर, आईआटी कानपुर, आईआईटी बॉम्बे, आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, आईआईटी गुवाहाटी में भी यही हालत है। यहाँ करीब 51 फीसदी से लेकर 40 फीसदी तक पद खाली पड़े हैं। इन पुराने आईआईटी में प्रोफेसर के पद रिक्त होने से पढ़ाई और शोधकार्यों में भी दिक्कत आ रही है।