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जमीन आवंटन को लेकर जोबट में धरना: संघर्ष समिति ने मांगी पूरी जानकारी; सेना पटेल बोलीं भाषण नहीं, ठोस फैसला चाहिए

आलीराजपुर। जोबट में आदिवासी किसानों की जमीन को लेकर आंदोलन के साथ सियासत भी तेज हो गई है। भूमि अधिग्रहण संघर्ष समिति ने 29 अगस्त से तहसील कार्यालय के बाहर सांकेतिक धरना शुरू किया है। वहीं कांग्रेस विधायक सेना महेश पटेल ने भाजपा के आंदोलन को लेकर सवाल उठाए हैं।

जमीन आवंटन की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग, संघर्ष समिति ने आदिवासी और अन्य समाज के लोगों से जमीन बचाने के लिए एकजुट होने की अपील की है। समिति का कहना है कि एक दिन के विरोध से समस्या हल नहीं होगी। इसके लिए लगातार लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करना होगा।

धरना स्थल से समिति ने कुंदन गोल्ड माइंस, कोल इंडिया लिमिटेड और अंबुजा-अडानी समूह से जुड़े जमीन आवंटन और अधिग्रहण को लेकर प्रशासन से जवाब मांगा। समिति ने पूछा कि जोबट क्षेत्र की जमीन इन कंपनियों या संस्थाओं को आवंटित की गई है या नहीं। अगर आवंटन हुआ है तो इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए।

सेना पटेल बोलीं, सरकार आपकी तो धरना क्यों?
विधायक सेना महेश पटेल ने भाजपा के आंदोलन पर सवाल उठाते हुए कहा कि केंद्र और प्रदेश दोनों जगह भाजपा की सरकार है। अगर आदिवासियों की जमीन को लेकर चिंता है तो सरकार से बात कर फैसले करवाने चाहिए।

उन्होंने कहा, “सरकार आपकी है, केंद्र में सरकार आपकी है और प्रदेश में सरकार आपकी है। अगर जमीन बचाने की चिंता है तो धरने का दिखावा क्यों? सरकार से संपर्क कर जमीन से जुड़े प्रस्ताव निरस्त करवाएं।”

नागर सिंह चौहान पर भी कसा तंज
सेना पटेल ने मंत्री नागर सिंह चौहान को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि एक तरफ उनके भाई धरने पर बैठे हैं और दूसरी तरफ मंत्री सरकार से बात करने की बात कह रहे हैं। इस पर उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यह तो वही बात हो गई, शक्तिमान ही गंगाधर।”

फिलहाल जमीन के आवंटन और अधिग्रहण को लेकर संघर्ष समिति प्रशासन से स्पष्ट जवाब मांग रही है। वहीं इस मुद्दे पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है।

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