जहरीली शराब कांड का आरोपी उज्जैन से गिरफ्तार: मुरैना का ‘डॉक्टर’ भी शामिल; जांच में 38.59% मेथनॉल मिला

उज्जैन। जहरीली शराब पीने से 9 लोगों की मौत के मामले में गुजरात पुलिस ने मुख्य आरोपी रईस को उज्जैन से गिरफ्तार किया है। रईस की ससुराल भोपाल के करोंद इलाके में है। नाम सामने आने के बाद से गुजरात पुलिस उज्जैन और भोपाल में उसके संपर्कों पर लगातार नजर रखे हुए थी।
मुरैना का नरेंद्र यादव भी शामिल
जांच में मुरैना निवासी नरेंद्र यादव उर्फ ‘डॉक्टर’ भी शामिल है। रईस नकली और अवैध शराब बनाने में नरेंद्र की महारत से परिचित था। इसी वजह से वह उसे गुजरात लेकर गया था। वहां दोनों ने भावनगर के स्थानीय शराब तस्कर गौतम सोलंकी के साथ मिलकर जहरीली शराब तैयार की।
जहरीली शराब की 25 पेटियां तैयार की
नरेंद्र और उसके साथियों की मौजूदगी में जहरीली शराब की 25 पेटियां तैयार की गई थीं। इसी शराब को पीने से लोगों की मौत हुई। नरेंद्र ने भी वही शराब पी थी, जिसके बाद उसकी भी मौत हो गई।
38.59 प्रतिशत मिथाइल मिला
फॉरेंसिक जांच में जब्त शराब के नमूनों में 38.59 प्रतिशत मिथाइल अल्कोहल यानी मेथनॉल मिला। सिर्फ 0.94 प्रतिशत इथाइल अल्कोहल मिलने की पुष्टि हुई है। मेथनॉल की इतनी अधिक मात्रा को मौतों की बड़ी वजह माना जा रहा है।
काम के सिलसिले में गुजरात गया था
नरेंद्र यादव मुरैना जिले के डूंगरपुर किरार गांव का निवासी है। नकली शराब तैयार करने में विशेषज्ञता के कारण लोग उसे ‘डॉक्टर’ कहते थे।परिवार का दावा है कि नरेंद्र सामान्य मजदूर था। 15 अगस्त को पहली बार काम के सिलसिले में गुजरात गया था।
पुलिस बिना बताए शव मुरैना ले आए
नरेंद्र की मौत के बाद उसके परिजन बिना पुलिस को बताए शव मुरैना ले आए थे। इसके बाद गुजरात पुलिस ने मुरैना पुलिस से शव वापस भेजने के लिए कहा। परिजनों के विरोध के बाद स्थानीय स्तर पर ही पोस्टमार्टम कराया गया।
2021 में भी हो चुकी है मौतें
गौरतलब है कि मुरैना जिले में 10 जनवरी 2021 को जहरीली शराब पीने से 24 लोगों की मौत हुई थी। अब भावनगर में भी जहरीली शराब कांड में मुरैना के नरेंद्र का नाम आया है। मध्य प्रदेश और गुजरात के बीच फैले अवैध शराब नेटवर्क की जांच और गंभीर हो गई है।