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इंदौर में स्वामित्व योजना की नई पंजीयन प्रक्रिया शुरू: 30 हजार लोगों को मिलेगा मालिकाना हक; रजिस्ट्री का खर्च उठाएगी सरकार

इंदौर। वर्षों से जमीन और मकान पर रहने के बावजूद पक्के मालिकाना दस्तावेज नहीं रखने वाले लोगों के लिए स्वामित्व योजना के तहत नई पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो रही है।

17 सितंबर को इंदौर में राज्यस्तरीय कार्यक्रम में योजना के तहत तैयार अधिकार अभिलेखों के पंजीयन की शुरुआत होगी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

इंदौर और आसपास के 30 हजार लाभार्थियों को जमीन-मकान से जुड़े स्वामित्व अधिकार देने की तैयारी है। स्वामित्व योजना में ग्रामीण आबादी भूमि का ड्रोन सर्वे कर संपत्तियों के अधिकार अभिलेख तैयार किए गए हैं। अब पात्र संपत्तियों के इन अभिलेखों का पंजीयन कर औपचारिक दस्तावेज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है।

सरकार उठाएगी खर्च
नई प्रक्रिया में पात्र हितग्राहियों से स्टांप ड्यूटी और पंजीयन शुल्क नहीं लिया जाएगा। सरकार पंजीयन का खर्च उठाएगी। प्रदेश में 50 लाख निजी संपत्तियों के अधिकार अभिलेखों के निशुल्क पंजीयन की योजना है।पंजीयन प्रक्रिया को स्थानीय स्तर तक ले जाने के लिए पंचायत स्तर पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इससे ग्रामीणों को रजिस्ट्री के लिए बार-बार कार्यालय जाने की जरूरत कम होगी।

एक महीने में प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य
नई व्यवस्था के तहत पंजीयन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने का लक्ष्य है। पहले इसमें 4 से 5 महीने तक लगने की बात थी, जबकि अब एक महीने में प्रक्रिया पूरी करने की तैयारी है। पंजीकृत दस्तावेज मिलने से संपत्ति का कानूनी रिकॉर्ड मजबूत होगा। इससे पात्र लोगों को बैंकिंग और ऋण जैसी सुविधाएं लेने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि लोन की मंजूरी संबंधित बैंक के नियमों के अनुसार होगी।
इंदौर में 30 हजार लोगों से शुरुआत
इंदौर के राज्यस्तरीय कार्यक्रम में करीब 30 हजार लोगों को इस अभियान से जोड़ने की तैयारी है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में नितिन नबीन नई राज्यव्यापी पंजीयन प्रक्रिया का शुभारंभ करेंगे।
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