इंदौर में साइबर ठगी: ऐप डाउनलोड करते ही उड़े ₹99,996; महिला बनी साइबर फ्रॉड की शिकार

इंदौर । कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित आलोक नगर में रहने वाली एक महिला साइबर ठगी का शिकार हो गईं। अज्ञात जालसाज ने मोबाइल पर कॉल कर उन्हें बातों में उलझाया और ‘EMAIL WEB’ नाम की एक संदिग्ध एप्लिकेशन डाउनलोड करवा दी। ऐप इंस्टॉल होते ही महिला का मोबाइल हैक हो गया और बैंक ऑफ इंडिया के खाते से ₹99,996 निकाल लिए गए।
पीड़िता प्रज्ञा पवार ने तुरंत बैंक के टोल-फ्री नंबर पर संपर्क कर अपना खाता ब्लॉक कराया और 1930 राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर ई-जीरो एफआईआर कनाड़िया थाने भेजी गई, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात ठग के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्क्रीन शेयरिंग और संदिग्ध ऐप से ठगी
पुलिस के अनुसार, साइबर ठग ने खुद को किसी सेवा से जुड़ा बताकर महिला को फोन किया। बातचीत के दौरान उसने मोबाइल में ‘EMAIL WEB’ नाम की एप्लिकेशन डाउनलोड करने के लिए कहा। जैसे ही ऐप इंस्टॉल हुई, ठग को मोबाइल का रिमोट एक्सेस मिल गया। इसके बाद आरोपी ने यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर बैंक खाते से कुल ₹99,996 ट्रांसफर कर लिए।
मैसेज देखकर हुआ ठगी का पता
खाते से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने पर महिला को ठगी का अहसास हुआ। उन्होंने तुरंत बैंक से संपर्क कर खाता ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई।
तकनीकी जांच में जुटी पुलिस
कनाड़िया पुलिस ने ई-जीरो एफआईआर के आधार पर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस उस बैंक खाते और डिजिटल ट्रेल की जांच कर रही है, जिसमें राशि ट्रांसफर की गई थी। मोबाइल डेटा, यूपीआई ट्रांजेक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है।
पुलिस की अपील
इंदौर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल में स्क्रीन शेयरिंग, रिमोट एक्सेस या संदिग्ध एप्लिकेशन डाउनलोड न करें। बैंक, आरबीआई या सरकारी एजेंसियां फोन पर इस तरह की ऐप इंस्टॉल कराने के लिए नहीं कहतीं।