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इंदौर में 20 साल से मकान की परमिशन नहीं: 7 साल से जनसुनवाई में शिकायत; अधिकारियों की मदद से बच रहा भू-माफिया

इंदौर। सैटेलाइट वैली के भूखंड धारकों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर बताया कि साल 2007 में कॉलोनी काटे जाने के बाद 20 साल बीत चुके हैं, लेकिन अब तक वहां मकान नहीं बन पा रहे हैं।

पीड़ितों का कहना है कि सात से आठ साल से वे लगातार जनसुनवाई में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिला। पीड़ितों ने कलेक्टर से कॉलोनी में विकास कार्य शुरू कराने और मकान बनाने की अनुमति देने की मांग की है।

कलेक्टर ने सभी भूखंड धारकों को कल सुबह 11 बजे बैठक के लिए बुलाया है, जिसमें कॉलोनी के विकास कार्यों को लेकर चर्चा होगी। वहीं पीड़ितों ने कॉलोनी में फर्जीवाड़े और बंधक प्लॉट बेचने के गंभीर आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है।

2007 में काटी थी कालोनी
प्रतिनिधि बाबू कुशवाहा ने बताया कि लसूड़िया थाना क्षेत्र के सैटेलाइट वैली, भू-माफिया अतुल सुराणा, अरुण डागरिया और पुष्पेंद्र ठाकुर ने ये कॉलोनी 2007 में काटी थी। इसकी हम लगातार कलेक्टर ऑफिस में शिकायत करते आ रहे हैं। आज ये चौथे कलेक्टर साहब हैं और सात से आठ साल से हम लगातार यहां जनसुनवाई में आते जा रहे हैं। लेकिन हमें सिर्फ आश्वासन मिलता आया है।

मकान बनाने की अनुमति दें 
उन्होंने कहा कि हमने कलेक्टर साहब से आग्रह किया कि अगर आप इसमें बिल्डिंग परमिशन नहीं दे पा रहे हैं, तो कम से कम हमें मकान बनाने की अनुमति प्रदान कर दें। क्योंकि कॉलोनी पूरी जंगल बनी हुई है और काफी समय से हम वहां परेशान होते आ रहे हैं। आज 20 साल हो गए हैं, लेकिन कोई भी वहां मकान नहीं बना पा रहा है।

कल कलेक्टर के साथ होगी मीटिंग 
प्रतिनिधि ने बताया कि कलेक्टर साहब ने हमें कल 11 बजे बुलाया है। सभी के साथ मीटिंग होगी, जिसमें कॉलोनी के कुछ विकास कार्यों को लेकर चर्चा की जाएगी। जो भू-माफिया है, उसने कॉलोनी के अंदर फर्जीवाड़ा किया है। बंधक प्लॉट बेच दिए और पैसे दबाकर आज चुपचाप बैठा है।

मिलीभगत के कारण नहीं हुई एफआईआर 
बाबू कुशवाहा ने आरोंप लगाया कि अधिकारियों की मिलीभगत के कारण उसके खिलाफ गंभीर अपराध में जो एफआईआर दर्ज होनी चाहिए थी, वो भी नहीं हुई। वो कभी सलाखों के पीछे नहीं गया और हमेशा बचता आ रहा है। किसी न किसी मामले में वो कोर्ट से स्टे ले आता है।

कलेक्टर ने दिया कार्रवाई का आश्वासन
उन्होंने यह भी बताया जो स्टे लाता है, उसमें कॉलोनी से हमारे द्वारा ही, हमारे भूखंड धारकों को धमकाकर और NOC के नाम पर पैसा उगाकर, उसी का कहीं न कहीं दुरुपयोग करके हाईकोर्ट से स्टे लेकर बचता आ रहा है। कलेक्टर साहब ने आश्वासन दिया है कि हम सख्त कार्रवाई करेंगे।

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