IIM इंदौर में IPM के नए बैच का स्वागत: 30 हजार से ज्यादा आवेदन; सिर्फ 156 स्टूडेंट्स को किया सिलेक्ट

इंदौर। भारतीय प्रबंध संस्थान (IIM) इंदौर में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड प्रोग्राम इन मैनेजमेंट (IPM) के 2026-31 बैच की शुरुआत हो गई है। नए विद्यार्थियों के स्वागत के लिए 10 अगस्त से दो दिवसीय इंडक्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें नए विद्यार्थी, संस्थान के प्रोफेसर, सीनियर विद्यार्थी और पूर्व छात्र शामिल हुए।
IIM निदेशक ने विद्यार्थियों को दिया सफलता का मंत्र
कार्यक्रम की शुरुआत IIM इंदौर के निदेशक प्रो. हिमांशु राय ने की। उन्होंने नए विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि IIM इंदौर में पांच साल की यात्रा सिर्फ पढ़ाई और करियर बनाने तक सीमित नहीं है। यह खुद को बेहतर बनाने और एक जिम्मेदार एवं बेहतर इंसान बनने का भी अवसर है।

विनम्र और जिज्ञासु बने स्टूडेंट्स
उन्होंने विद्यार्थियों से विनम्र और जिज्ञासु बने रहने तथा अपने आसपास के लोगों से सीखने की सलाह दी। उन्होंने समय और प्राथमिकताओं को सही तरीके से तय करने और अलग-अलग पृष्ठभूमि से आने वाले लोगों के प्रति संवेदनशील रहने की बात कही। प्रो. राय ने विद्यार्थियों को असफलता से नहीं डरने की सलाह देते हुए कहा कि असफलता विकास का हिस्सा है। जरूरी यह है कि मुश्किल आने पर व्यक्ति दोबारा खड़ा होकर आगे बढ़ने का साहस रखे। उन्होंने विद्यार्थियों से माता-पिता से जुड़े रहने और जीवन में मिलने वाले अवसरों का पूरा लाभ उठाने की अपील की।

30,203 आवेदनों में सिर्फ 156 का चयन
IPM के चेयर प्रो. आदित्य महेश्वरी ने बताया कि इस साल कार्यक्रम में प्रवेश के लिए 30,203 आवेदन मिले थे। इनमें से सिर्फ 156 विद्यार्थियों का चयन हुआ। यानी कुल आवेदकों में करीब 0.51 प्रतिशत विद्यार्थियों को ही प्रवेश मिला। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि इतने कठिन चयन के बाद IIM इंदौर का हिस्सा बनना अपने आप में बड़ी उपलब्धि है। विद्यार्थियों को अगले पांच वर्षों में यहां मिलने वाले अवसरों का अधिकतम फायदा उठाना चाहिए।

पूर्व छात्रों ने साझा किए अपने अनुभव
इंडक्शन कार्यक्रम में पूर्व विद्यार्थियों और प्रोफेसरों के साथ कई पैनल चर्चाएं भी हुईं। इनमें विद्यार्थियों को IPM के अनुभव और करियर के अलग-अलग विकल्पों के बारे में जानकारी दी गई। ‘प्लैनेट-आई: अ वॉक डाउन द मेमोरी लेन‘ नाम की चर्चा में अलग-अलग बैच के पूर्व छात्रों ने IIM इंदौर में बिताए अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि संस्थान में बिताए वर्षों ने उनके व्यक्तिगत और पेशेवर जीवन को किस तरह प्रभावित किया।
करियर विकल्पों और अवसरों पर चर्चा हुई
वहीं ‘लाइफ आफ्टर आईपीएम’ सत्र में IPM पूरा करने के बाद मिलने वाले करियर विकल्पों और अवसरों पर चर्चा हुई। एक अन्य सत्र ‘फोर पिलर्स ऑफ आईपीएम’ में प्रोफेसरों ने विद्यार्थियों को कार्यक्रम के शैक्षणिक और व्यक्तिगत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं की जानकारी दी।
बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान IPM के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धियों को भी सम्मानित किया गया। पहले तीन वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शीर्ष 5 प्रतिशत विद्यार्थियों को शैक्षणिक उत्कृष्टता प्रमाण-पत्र दिए गए। इनमें आदित्य भास्कर अय्यर, आर्यन दिलीप जैन, हृदय खंडेलवाल, रोहन रवि सारफ, शुजल कुमार जैन और श्रेयांश अग्रवाल शामिल रहे।
छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता भी दी
कार्यक्रम में स्वर्गीय आद्या प्रभा स्मृति छात्रवृत्ति भी प्रदान की गई। यह छात्रवृत्ति IPM की चौथे वर्ष की उस महिला विद्यार्थी को दी जाती है, जिसका CGPA सबसे अधिक हो। इस साल यह छात्रवृत्ति सृष्टि चोपड़ा को मिली। इसके अलावा जरूरत के आधार पर आर्थिक सहायता के तहत चेष्टा मलिक और लक्ष्य कृपलानी को 5-5 लाख रुपये की सहायता दी गई।
156 विद्यार्थियों का बैच, 5 विदेशी छात्र भी शामिल
IIM इंदौर का नया IPM बैच विविधता से भरा हुआ है। कुल 156 विद्यार्थियों में 108 छात्र और 48 छात्राएं हैं।शैक्षणिक पृष्ठभूमि की बात करें तो 75 विद्यार्थी कॉमर्स, 65 PCM, 7 PCB, 8 अन्य विषयों और एक विद्यार्थी आर्ट्स बैकग्राउंड से है।
अमेरिका से भी पढ़ने आए विद्यार्थी
देश के अलग-अलग राज्यों से विद्यार्थी इस बैच में शामिल हुए हैं। महाराष्ट्र से सबसे ज्यादा 23 विद्यार्थी, उत्तर प्रदेश से 20, मध्य प्रदेश और राजस्थान से 12-12 तथा तेलंगाना से 11 विद्यार्थी हैं। इसके अलावा अमेरिका से 3, नेपाल से 1 और ब्रिटेन से 1 विद्यार्थी भी बैच का हिस्सा है। इस तरह कुल 156 विद्यार्थियों में 151 भारतीय और 5 अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थी हैं।