HDFC बैंक ने बढ़ाई MCLR आधारित लोन दरें, होम लोन और ऑटो लोन की EMI पर पड़ेगा असर
HDFC बैंक ने बढ़ाईं MCLR आधारित कर्ज दरें
देश के प्रमुख निजी बैंकों में शामिल HDFC बैंक ने सीमांत लागत आधारित उधारी दर (MCLR) में 0.10 फीसदी तक की बढ़ोतरी की है। बैंक की नई ब्याज दरें 8 जून 2026 से प्रभावी हो गई हैं। इस फैसले का सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनके ऋण MCLR से जुड़े हुए हैं।
दो साल के कर्ज की दर 8.55 फीसदी हुई
बैंक द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, दो वर्ष की अवधि वाले ऋण पर MCLR दर 8.45 फीसदी से बढ़ाकर 8.55 फीसदी कर दी गई है। इसके साथ ही एक वर्ष की अवधि वाली MCLR दर, जिसे अधिकांश होम लोन, वाहन ऋण और पर्सनल लोन के लिए बेंचमार्क माना जाता है, 0.05 फीसदी बढ़कर 8.40 फीसदी हो गई है।
इसके अलावा 24 घंटे, तीन महीने, छह महीने और तीन वर्ष की अवधि वाले कर्जों पर भी MCLR दरों में 0.05 फीसदी की वृद्धि की गई है।
EMI पर पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों के अनुसार, जिन ग्राहकों के होम लोन, कार लोन या पर्सनल लोन MCLR से जुड़े हैं, उनकी मासिक किस्तों (EMI) में बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि इसका प्रभाव प्रत्येक ग्राहक के ऋण की राशि, अवधि और रीसेट अवधि पर निर्भर करेगा।
क्या है MCLR?
MCLR यानी Marginal Cost of Funds Based Lending Rate वह न्यूनतम आधार दर होती है, जिसके आधार पर बैंक अपने अधिकांश ऋणों की ब्याज दर निर्धारित करते हैं। जब बैंक MCLR बढ़ाते हैं, तो उससे जुड़े ऋण महंगे हो जाते हैं और ग्राहकों की EMI बढ़ सकती है।
RBI की रेपो रेट स्थिर रहने के बीच फैसला
एचडीएफसी बैंक का यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी मौद्रिक नीति समीक्षा में रेपो रेट को लगातार दूसरी बार 5.25 फीसदी पर स्थिर रखा है। इसके बावजूद बैंक द्वारा MCLR बढ़ाने का निर्णय बाजार की लागत और फंडिंग से जुड़े कारकों को ध्यान में रखकर लिया गया माना जा रहा है।
ग्राहकों को क्या करना चाहिए?
बैंकिंग विशेषज्ञों का मानना है कि जिन ग्राहकों के लोन MCLR आधारित हैं, उन्हें अपनी आगामी EMI और ब्याज दर की समीक्षा करनी चाहिए। यदि संभव हो तो ग्राहक अपने ऋण की शर्तों और ब्याज दर विकल्पों का पुनर्मूल्यांकन कर सकते हैं ताकि बढ़ती लागत का प्रभाव कम किया जा सके।
HDFC बैंक की इस बढ़ोतरी के बाद अन्य बैंकों की ब्याज दरों पर भी नजर रहेगी, क्योंकि इसका असर खुदरा ऋण बाजार और उपभोक्ताओं की उधारी लागत पर पड़ सकता है।
