|

हाईकोर्ट बोला- सरकार की कहानी मनगढ़ंत: नोएडा DM सैलरी से दें 5 लाख मुआवजा; आकृति चौधरी की NSA हिरासत रद्द

प्रयागराज। नोएडा में 13 अप्रैल 2026 को हुए मजदूर प्रोटेस्ट मामले में आकृति चौधरी की गिरफ्तारी हुई थी। उन पर यूपी पुलिस ने मजदूरों को हिंसा के लिए भड़काने के आरोप में NSA लगाया था।

अब इलाहाबाद हाई कोर्ट ने NSA के तहत जारी डिटेंशन ऑर्डर को रद्द कर दिया है। साथ ही 5 लाख रुपए का मुआवजा देने का आदेश भी दिया है। हाई कोर्ट ने मुआवजे की रकम डीएम मेधा रूपम की सैलरी से वसूलने का निर्देश दिया है।

डिटेंशन ऑर्डर रद्द करते हुए कोर्ट ने कहा- आकृति को राज्य की ओर से पेश की गई एक मनगढ़ंत कहानी के आधार पर हिरासत में लिया गया था।

कोर्ट ने कार्रवाई पर उठाए सवाल
आकृति ने अपनी हिरासत को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी और बाद की कार्रवाई से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की। कोर्ट ने पाया कि मामले में कई प्रक्रियागत खामियां थीं।

अदालत ने यह भी कहा कि हिरासत को सही ठहराने के लिए पर्याप्त आधार सामने नहीं रखे गए। कोर्ट ने आकृति की हिरासत के आधार को मनगढ़ंत कहानी बताया। इसके बाद NSA के तहत जारी डिटेंशन ऑर्डर को रद्द कर दिया गया।

5 लाख रुपये मुआवजे का आदेश
हाई कोर्ट ने आकृति चौधरी को 5 लाख रुपये मुआवजा देने का निर्देश दिया है। यह राशि प्रशासन की ओर से दिए जाने का आदेश है।अदालत ने कहा कि अगर आकृति किसी दूसरे मामले में वांछित नहीं हैं, तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए। हालांकि, दूसरे मामलों में जमानत नहीं मिलने पर उनकी हिरासत जारी रह सकती है।

कोर्ट में सरकार से मांगा गया था सबूत
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा था कि क्या ऐसा कोई सबूत है, जिससे यह साबित हो कि आकृति ने प्रदर्शनकारियों को हिंसा या आगजनी के लिए उकसाया था। सरकार की ओर से इस संबंध में और समय मांगा गया था। कोर्ट ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया। उस समय तक आकृति करीब पांच महीने हिरासत में रह चुकी थीं।

Share