गरबा धार्मिक आयोजन है, मनोरंजन नहीं’: पेड कार्यक्रमों पर हिंदू संगठनों ने जताई आपत्ति; आंदोलन की चेतावनी दी

उज्जैन। शुक्रवार शाम धार्मिक सांस्कृतिक आयोजन मंच और हिंदू जागरण मंच के कार्यकर्ता प्रशासन के पास पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपकर व्यावसायिक और पेड गरबा आयोजनों बंद करने की मांग।
संगठनों का कहना है कि जहां देवी प्रतिमा स्थापित नहीं होती और घट-कलश की पूजा नहीं होती, वहां गरबा कार्यक्रमों को धार्मिक आयोजन का स्वरूप नहीं दिया जाना चाहिए।
धार्मिक परंपराओं का स्वरूप प्रभावित हो रहा
ज्ञापन में हिंदू संगठनों ने कहा कि कुछ वर्षों से पेड गरबा आयोजनों को लेकर कई शिकायतें सामने आई हैं। संगठनों का आरोप है कि ऐसे आयोजनों से धार्मिक परंपराओं का स्वरूप प्रभावित हो रहा है। साथ ही अश्लीलता और नशे को बढ़ावा मिलने की बातें भी सामने आई हैं। ज्ञापन में मध्य प्रदेश समेत अन्य राज्यों में गरबा आयोजनों से जुड़े विवादों और घटनाओं का भी हवाला दिया गया।
हिंदू जागरण मंच ने दी चेतावनी
उज्जैन में पेड गरबा आयोजनों को लेकर हिंदू जागरण मंच ने प्रशासन के सामने आपत्ति जताई है। महानगर संयोजक रितेश माहेश्वरी ने कहा कि संगठन पांच साल से ऐसे आयोजनों में पहचान छिपाकर प्रवेश करने के मामलों को उठाता रहा है।
नशे जैसी गतिविधियों की शिकायतें भी मिली
उनका दावा है कि कुछ कार्यक्रमों में नशे जैसी गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि व्यावसायिक गरबा आयोजन की अनुमति देने वाले संचालकों का संगठन विरोध करेगा। टॉवर चौक के कार्यक्रम में एक लाख रुपए के रील पुरस्कार की घोषणा पर भी आपत्ति जताई गई।
ध्वनि और सुरक्षा की मांग
ज्ञापन के जरिए संगठनों ने गरबा आयोजनों में ध्वनि विस्तारक यंत्रों के इस्तेमाल से लेकर बिजली की सुरक्षा तक, हर व्यवस्था के लिए कड़े नियम बनाने की मांग रखी। उनका कहना है कि आयोजकों की लापरवाही से किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन पहले से निगरानी सुनिश्चित करे। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि इन मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन व्यावसायिक गरबा आयोजनों के खिलाफ व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
धार्मिक आयोजन या व्यावसायिक इवेंट पर सवाल
संगठनों ने कहा कि नवरात्रि सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि देवी आराधना और हमारी धार्मिक-सांस्कृतिक परंपरा का पर्व है। ऐसे में जहां माता की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-पाठ या घट-कलश स्थापना नहीं होती, वहां केवल टिकट लेकर व्यावसायिक गरबा आयोजित करना उचित नहीं है। उन्होंने प्रशासन से ऐसे आयोजनों को अनुमति नहीं देने की मांग की।