धार के टाणा में शिक्षा व्यवस्था की बदहाली: शौचालय में बैठकर पढ़ने को मजबूर थे बच्चे; तस्वीर वायरल हुई तो बदली व्यवस्था

धार । जिले की कुक्षी विधानसभा के ग्राम टाणा से शिक्षा व्यवस्था की बदहाली का मामला सामने आया है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय के मासूम बच्चों को परिसर में बने नवीन बालिका शौचालय के अंदर बैठाकर पढ़ाने की तस्वीर सामने आई है। तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों में हलचल मच गई। तस्वीर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने आनन-फानन में बच्चों को एक निजी घर में शिफ्ट कर दिया। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए किए जाने की बात सामने आई है।
22 से ज्यादा बच्चों को शौचालय में बैठाने का आरोप
स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि स्कूल में 22 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। इन बच्चों को शौचालय के अंदर बैठाकर पढ़ाना बेहद आपत्तिजनक है। ग्रामीणों ने इसे अमानवीय और पूरी शिक्षा व्यवस्था को शर्मसार करने वाली घटना बताया।
ग्रामीणों के अनुसार स्कूल का मूल भवन काफी समय से जर्जर हालत में है। भवन की हालत ऐसी है कि हर समय हादसे का डर बना रहता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उन्हें कभी पास के भिलट देव मंदिर परिसर में तो कभी मजबूरी में शौचालय के अंदर बैठाकर पढ़ाया जा रहा था।

मामला सामने आया तो अधिकारी मौके पर पहुंचे
तस्वीर और मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हीरालाल निगवाल और ब्लॉक रिसोर्स समन्वयक विजय कुमार शुक्ला ने मौके का निरीक्षण किया।
अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और मौका पंचनामा तैयार किया। उन्होंने जांच रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को सौंपने की बात कही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने मामले को गंभीर बताया है। उनका कहना है कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
BEO और BRC के बयान अलग-अलग
मौके पर पहुंचे BEO और BRC से निरीक्षण को लेकर बात की गई। इस दौरान दोनों अधिकारियों की ओर से अलग-अलग जानकारी सामने आई। दोनों अधिकारी मौका निरीक्षण को लेकर अलग बात कहते नजर आए। इससे पूरे मामले को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और सम्मानजनक जगह पर पढ़ाने की व्यवस्था करना विभाग की जिम्मेदारी है। उनका सवाल है कि जब स्कूल का भवन जर्जर था तो बच्चों के लिए समय रहते दूसरी उचित व्यवस्था क्यों नहीं की गई।
बच्चों की सुरक्षा और पढ़ाई पर सवाल
इस घटना ने सरकारी स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। एक ओर सरकार शिक्षा व्यवस्था बेहतर करने के दावे करती है। दूसरी ओर बच्चों को शौचालय में बैठकर पढ़ना पड़ा। अब मामला सामने आने के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर क्या कार्रवाई होती है, यह देखना होगा। साथ ही जर्जर स्कूल भवन की समस्या का स्थायी समाधान कब होगा, इस पर भी ग्रामीणों की नजर है।