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किसानों ने उठाया फसल बीमा का मुद्दा: नए ग्रिड-बाईपास की मांग के साथ जनसुनवाई; 5 साल से नहीं मिला फसल बीमा

झाबुआ। खवासा में आयोजित जनसुनवाई के दौरान कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान विभिन्न गांवों से कुल 120 आवेदन प्राप्त हुए। अधिकांश आवेदनों में किसानों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याएं और मांगें रखीं।

किसानों ने बताया- 5 साल से नहीं मिला फसल बीमा
ग्राम मांडन और गंगाखेड़ी से बड़ी संख्या में पहुंचे किसानों ने बताया कि पिछले पांच वर्षों से लगातार फसल बीमा का प्रीमियम कट रहा है, लेकिन आज तक बीमा का लाभ नहीं मिला। किसानों ने मामले की जांच कर जल्द राहत दिलाने की मांग की।

खराब सड़क और बिजली समस्या भी उठी
ग्राम पंचायत सेमलिया में धीरज गवारिया के घर से हाई स्कूल तक जाने वाले मार्ग की बदहाल स्थिति की शिकायत की गई। वहीं भाजपा मंडल अध्यक्ष किरण रितेश देवड़ा ने क्षेत्र में बार-बार होने वाली बिजली कटौती का मुद्दा उठाते हुए खवासा में नए बिजली ग्रिड की स्थापना की मांग की। साथ ही पुलिस थाना, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और बाईपास रोड निर्माण की मांग भी रखी गई।

नर्मदा जल और एक्सप्रेसवे पर मांगी सुविधाएं
किसान कांग्रेस के प्रदेश महासचिव नंदलाल मेंण ने कहा कि खवासा क्षेत्र में पेयजल संकट बना हुआ है। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान क्षेत्र को नर्मदा जल योजना से जोड़ने की मांग की। विधायक प्रतिनिधि कमलेश पटेल ने कहा कि एक्सप्रेसवे के लिए क्षेत्र की जमीन तो चली गई, लेकिन स्थानीय लोगों को उसका लाभ नहीं मिल रहा। उन्होंने खवासा क्षेत्र में एक्सप्रेसवे पर चढ़ने-उतरने के लिए एक प्रवेश बिंदु (एंट्री-एग्जिट) बनाने की मांग रखी।

अनाथ भाई-बहनों ने मांगी सरकारी सहायता
ग्राम मकोड़िया के नाबालिग भाई-बहन अंजू, करण और अर्जुन ने कलेक्टर को बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है और उनकी मां ने दूसरा विवाह कर लिया है। उन्होंने अपने पालन-पोषण और शिक्षा के लिए शासन से आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की गुहार लगाई।

स्कूल निरीक्षण के दौरान छात्रा ने पूछा सवाल
जनसुनवाई के बाद कलेक्टर ने कन्या हायर सेकंडरी स्कूल का निरीक्षण भी किया। इस दौरान छात्रा डोली पिता मुकेश पंवार ने पूछा कि क्या हिंदी माध्यम से सिविल सेवा परीक्षा पास की जा सकती है।

कलेक्टर बोले- भाषा नहीं, मेहनत सफलता दिलाती है
छात्रा के सवाल पर कलेक्टर डॉ. योगेश तुकाराम भरसट ने कहा कि किसी भी भाषा से सफलता पाने में कोई बाधा नहीं होती। उन्होंने अपना उदाहरण देते हुए बताया कि उनकी मातृभाषा मराठी है और उन्होंने 10वीं तक की पढ़ाई मराठी माध्यम से की। बाद में हिंदी और अंग्रेजी में पढ़ाई की और आज वे सहजता से हिंदी में संवाद कर रहे हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से भाषा नहीं, बल्कि मेहनत और आत्मविश्वास पर भरोसा रखने का संदेश दिया।

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