| | | |

इंदौर में डिलीवरी पार्टनर बनाने के नाम पर 90 लाख की धोखाधड़ी: 16-17 लोगों से 5 से 8 लाख रुपए तक लिए; एक आरोपी गिरफ्तार

इंदौर। डिलीवरी पार्टनर बनाने के नाम पर लोगों से लाखों रुपए लेने और बाद में काम शुरू नहीं कराने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के डायरेक्टरों ने करीब 16 से 17 लोगों से सिक्योरिटी डिपॉजिट के नाम पर 5 से 8 लाख रुपए तक लिए। कुल रकम करीब 90 लाख रुपए बताई जा रही है।

कंपनी ने लोगों के साथ एमओयू साइन कर 30 से 45 दिन में काम शुरू कराने का भरोसा दिया था। तय समय बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ तो लोगों ने पुलिस और जनसुनवाई में शिकायत की। जांच के बाद पलासिया पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें से एक आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया गया है।

एमओयू साइन कर दिया था काम शुरू कराने का भरोसा
पलासिया थाना क्षेत्र के शेखर सेंट्रल स्थित कंपनी ने लोगों को डिलीवरी पार्टनर बनाने की योजना बताई थी। इसके लिए कुछ लोगों से 5-5 लाख रुपए, जबकि कुछ से 8 लाख रुपए तक सिक्योरिटी डिपॉजिट के रूप में लिए गए।

कंपनी की ओर से शिकायतकर्ताओं के साथ एमओयू भी साइन किया गया था। इसमें 30 से 45 दिन के भीतर डिलीवरी पार्टनर के रूप में काम शुरू कराने की बात कही गई थी।

हर पार्सल पर 100 रुपए देने का दावा
लोगों को बताया गया था कि डिलीवरी पार्टनर को प्रति पार्सल करीब 100 रुपए का भुगतान किया जाएगा। रोजाना बड़ी संख्या में पार्सल डिलीवर करने पर करीब 2 लाख रुपए तक महीने की कमाई होने का दावा भी किया गया था। हालांकि, तय समय निकलने के बाद भी कंपनी की ओर से काम शुरू नहीं कराया गया। इसके बाद निवेश करने वाले लोगों ने मामले की शिकायत पुलिस से की। शिकायत जनसुनवाई में भी पहुंची।

जांच के बाद चार पर केस, राहुल गिरफ्तार
जनसुनवाई में मिली शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर पलासिया पुलिस ने चार आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318 के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल को गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल अन्य आरोपियों की भूमिका और करीब 90 लाख रुपए के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है।

Share