धार में सोयाबीन नहीं उगी तो किसान ने पी लिया कीटनाशक, अस्पताल में जिंदगी की जंग जारी
धार जिले की बदनावर तहसील के ग्राम दतीगारा में सोयाबीन की फसल अंकुरित नहीं होने से आहत एक किसान ने कीटनाशक पीकर आत्महत्या का प्रयास कर लिया। किसान की पहचान 25 वर्षीय प्रहलाद सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजन और आसपास मौजूद लोगों ने उसे तत्काल धार के एक निजी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें किसान दवा दुकान के बाहर तड़पता नजर आ रहा है और बड़ी संख्या में लोग मौके पर मौजूद दिखाई दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार प्रहलाद सिंह ने इस खरीफ सीजन में करीब साढ़े दस बीघा जमीन पर 27 और 28 जून को सोयाबीन की बुवाई की थी। किसान का कहना है कि बुवाई के दौरान उसने ‘वरदान’ नामक कीटनाशक का उपयोग किया था। कई दिन बीतने के बाद भी खेत में फसल का अंकुरण नहीं हुआ। उसका आरोप है कि पूरी फसल खराब हो गई, जिससे उसे भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
परिजनों के मुताबिक खेती की तैयारी के लिए परिवार पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहा था। किसान के भाई सुमेर सिंह ने बताया कि खेती के लिए रकम गिरवी रखकर बीज खरीदे गए थे और जिस जमीन पर बुवाई की गई, वह भी लीज पर ली गई थी। ऐसे में फसल खराब होने से परिवार पूरी तरह संकट में आ गया।
बताया जा रहा है कि मानसिक तनाव में प्रहलाद सिंह उस कृषि आदान केंद्र पर पहुंचा, जहां से उसने कीटनाशक खरीदा था। वहीं उसने कथित रूप से वही दवा पी ली। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल परिजनों को सूचना दी और उसे अस्पताल पहुंचाया।
निजी अस्पताल के चिकित्सक डॉ. हेमंत नरगावे ने बताया कि जब किसान को अस्पताल लाया गया, तब उसकी हालत गंभीर थी। कीटनाशक पीने के दौरान दवा आंखों में भी चली गई थी, जिससे आंखों में काफी सूजन आ गई। प्रारंभिक जांच में कीटनाशक सेवन की पुष्टि होने पर तत्काल उपचार शुरू किया गया। पेट की सफाई के साथ आंखों का भी इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत में पहले से कुछ सुधार है, लेकिन जहरीले पदार्थ के सेवन के बाद शुरुआती 72 घंटे बेहद महत्वपूर्ण और जोखिम भरे होते हैं। डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी निगरानी कर रही है।