दीपक जोशी विवाद: शिखा जोशी का पलटवार, चुनाव फंडिंग, मकान बिकवाने और व्हाट्सएप ग्रुप पर लगाए गंभीर आरोप
दीपक जोशी ‘मूंगफली’ विवाद में नया मोड़ : शिखा जोशी का पलटवार, कहा – उन्होंने भी बनाया वाट्सएप ग्रुप, चुनाव के लिए बिकवा दिया मेरा मकान
– दोनों तरफ से ग्रुप बाजी : दीपक ने लगाया बदनाम करने का आरोप, शिखा बोलीं – खुद पूर्व मंत्री भी एक वाट्सएप ग्रुप के एडमिन
– शिखा जनवरी में ही कर चुकी है दीपक जोशी की पुलिस को शिकायत
भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मंत्री दीपक जोशी और उनकी शादियों से जुड़ा विवाद अब केवल ‘छोटी मूंगफली’ या सोशल मीडिया ट्रोलिंग तक सीमित नहीं रह गया है। इस हाई-प्रोफाइल विवाद में अब चुनावी फंडिंग सहित अन्य चौंकाने वाले आरोप सामने आए हैं।
हाल ही में पूर्व मंत्री दीपक जोशी और उनकी कथित तीसरी पत्नी पल्लवी राज सक्सेना द्वारा भोपाल के शाहपुरा थाने में शिखा जोशी ( कथित पूर्व पत्नी) के खिलाफ दिए गए आवेदन के बाद अब शिखा जोशी ने पलटवार किया है। शिखा जोशी ने दीपक जोशी के खिलाफ कई सनसनीखेज खुलासे किए हैं और खुद जनवरी महीने में पुलिस कमिश्नर व शाहपुरा थाने में की गई शिकायतों की बात कही है। वे दीपक जोशी के खिलाफ जनवरी में ही पुलिस को आवेदन दे चुकी है।
खातेगांव चुनाव के लिए मेरा मकान बिकवा दिया, खुद लीं 3 नई कारें
शिखा जोशी ने आरोप लगाया कि साल 2016 में दीपक जोशी ने उन्हें अपनी पूर्व पत्नी से तलाक की झूठी बात कहकर गुमराह किया और शादी रचाई। शिखा का कहना है कि
यह आदमी चुनाव लड़ने के लायक नहीं था, बीजेपी ने इनका टिकट काट दिया था। कांग्रेस से जब इन्हें खातेगांव विधानसभा का टिकट मिला, तो इनके पास पैसे नहीं थे। चुनाव की फंडिंग के लिए इन्होंने दबाव बनाकर मेरा घर बिकवा दिया। खातेगांव का चुनाव लड़ते हुए भी ये मुझसे बागली और हाटपिपलिया क्षेत्र के लिए पैसे का इंतजाम करने का दबाव बना रहे थे। मेरे पास दीपक की वॉइस रिकॉर्डिंग है जिसमें वो खुद कह रहे हैं कि यह चुनाव सिर्फ तुम्हारी वजह से लड़ पा रहा हूं। चुनाव खत्म होते ही इन्होंने 22 दिनों के भीतर स्कोर्पियो समेत 3 नई गाड़ियां खरीद लीं और रावेरा टाउनशिप में करोड़ों का 3 मंजिला मकान बनवाना शुरू कर दिया।
शिखा ने दावा किया है कि दीपक जोशी अपनी तीसरी शादी को लेकर कह रहे थे कि मेरा दिमाग कोरोना के बाद से काम नहीं कर रहा है, महिला के खानदान वालों ने दबाव बनाकर फेरे दिलवा दिए।
वाट्सएप ग्रुप पर आमने-सामने – वह खुद भी एक ग्रुप के एडमिन
दीपक जोशी ने आरोप लगाया था कि शिखा जोशी ने वाट्सएप ग्रुप बनाकर उन्हें ‘बिना दांत का बुड्ढा’ और “छोटी मूंगफली” कहकर बदनाम किया है। शिखा ने बड़ा पलटवार करते हुए कहा कि खुद दीपक जोशी और पल्लवी सक्सेना भी एक वाट्सएप ग्रुप के एडमिन हैं। शिखा का आरोप है कि इस ग्रुप में उनके और दीपक के निजी घरेलू विवादों और गाली-गलौज की बातों को सार्वजनिक कर उन्हें बदनाम किया जा रहा है।
पॉलिटिकल करियर शुरू होते ही टॉर्चर बढ़ा
शिखा जोशी ने बताया कि वे दिल्ली और केंद्रीय स्तर पर एनजीओ का बड़ा काम देखती हैं और उन्हें अंतरराष्ट्रीय अटल बिहारी वाजपेयी अवार्ड भी मिल चुका है। जब एक साल से उनका खुद का राजनीतिक और सामाजिक ग्राफ बढ़ने लगा तो दीपक जोशी ने उन्हें प्रताड़ित करना शुरू कर दिया ताकि वे अपना काम छोड़ दें।
शिखा का कहना है कि दीपक जोशी को नोटिस भेज रखा है। दीपक जोशी ने हिन्दू धर्म को तार-तार कर दिया है। ब्राह्मण समाज को कलंकित किया है। महिलाओं को यूज करने की चीज बना रखा है, लेकिन मैं खामोश नहीं रहूंगी। 2016 में मुझ से शादी की, फिर नम्रता जोशी से शादी और फिर पल्लवी से शादी की है। दीपक जोशी ने अपनी खुद की जग हंसाई की है। दीपक जोशी के कृत्यों से मेरा कोई लेना देना नहीं है। भगवान उनको उनके कर्मों की सजा जरूर देगा।
