मप्रः विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षा की अलख जगाने वाले 31 शिक्षकों का हुआ सम्मान
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार रात इंदौर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उज्जैन संभाग के 31 समर्पित शिक्षकों का सम्मान किया। यह सम्मान मध्य प्रदेश कुश्ती संघ द्वारा आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदान किया गया, जिसमें उन शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिन्होंने कठिन और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश के कई शिक्षक दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों में पदस्थ होकर नदी-नाले पार करते हैं, लंबी दूरी पैदल तय करते हैं और तमाम चुनौतियों का सामना करते हुए विद्यार्थियों तक शिक्षा पहुंचाने का कार्य कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे शिक्षक केवल बच्चों को शिक्षित नहीं कर रहे, बल्कि समाज और राष्ट्र के भविष्य को भी सशक्त बना रहे हैं। उनका समर्पण और सेवा भावना पूरे समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है।
कार्यक्रम में उन शिक्षकों के कार्यों को विशेष रूप से रेखांकित किया गया, जिन्होंने सीमित संसाधनों और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद शिक्षा की लौ को निरंतर प्रज्ज्वलित रखा। उपस्थित अतिथियों ने शिक्षकों की कर्तव्यनिष्ठा, समर्पण और समाज के प्रति उनके योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर मध्य प्रदेश कुश्ती संघ के अध्यक्ष उमेश ठाकुर, सचिव सुरेंद्र यादव, संजय सिंह ठाकुर, नारायण यादव, स्वामीनारायण आश्रम के स्वामी आनंद जीवन दास एवं स्वामी हरिनंद स्वामी, प्राधिकरण अध्यक्ष रवि सोलंकी, जय सिंह दरबार, शिवाप्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सम्मान प्राप्त शिक्षकों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उन्हें शिक्षा के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा देगा।






