डीएड अभ्यर्थियों का 57वां दिन: अंगारों पर चले आंदोलनकारी, पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया

छत्तीसगढ़ में सहायक शिक्षक भर्ती 2023 के 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर लगातार 57 दिनों से अनशन पर बैठे डीएड प्रशिक्षित अभ्यर्थियों की स्थिति चिंताजनक हो गई है।
आंदोलनकारियों ने नवा रायपुर के तूता धरना स्थल पर जलते अंगारों पर नंगे पैर चलकर अपना विरोध जताया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग कर धरना स्थल खाली कराया और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
अनशन 24 दिसंबर 2025 से जारी है और अभ्यर्थी 2300 रिक्त पदों तथा आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित 1600 पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। पिछले हफ्तों में कई अभ्यर्थियों की तबीयत बिगड़ गई थी और उन्हें स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाया गया।
57वें दिन जलते अंगारों पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच झड़प हुई। चार अभ्यर्थी गंभीर रूप से घायल होकर अभनपुर अस्पताल ले जाए गए। बाद में सभी को हिरासत में लेकर सेंट्रल जेल भेजा गया।
अभ्यर्थियों का कहना है कि अदालतों के आदेशों के बावजूद ST वर्ग के रिक्त पदों पर नियुक्ति नहीं की गई है, जिससे युवाओं और उनके परिवारों में नाराजगी है। कई अभ्यर्थियों ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और शिक्षा मंत्री को अपने खून से पत्र लिखकर नियुक्ति की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने देर रात जेल में अभ्यर्थियों से मुलाकात की और उनकी मांगों का समर्थन किया। आंदोलनकारी सुप्रीम कोर्ट (28 अगस्त 2024) और छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट (सितंबर 2025) के आदेशों का हवाला दे रहे हैं, जिसमें प्राथमिक शिक्षकों के पदों पर डीएड धारकों की पात्रता सुनिश्चित की गई है।
स्थिति गंभीर बनी हुई है, और आंदोलनकारियों का कहना है कि वे पदों पर नियुक्ति मिलने तक अपनी मांगों पर अडिग रहेंगे।






