धार के भोजशाला में 10 साल बाद विशेष संयोग: पूजा और नमाज एक साथ, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित धार्मिक स्थल भोजशाला में शुक्रवार को बसंत पंचमी के अवसर पर विशेष संयोग बना। 10 साल बाद पहली बार सूर्योदय से सूर्यास्त तक मां वाग्देवी (सरस्वती) की पूजा और दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुमे की नमाज आयोजित की गई। प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए।
हिंदू श्रद्धालुओं ने सूर्योदय के साथ पूजा शुरू की, जिसमें हवन और पाठ शामिल हैं, जो सूर्यास्त तक चलेगी। वहीं, निर्धारित हिस्से में मुस्लिम श्रद्धालुओं ने दोपहर 3 बजे तक जुमे की नमाज अदा की।
🛡️ भोजशाला में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था
लगभग 8000 पुलिसकर्मी तैनात।
परिसर और धार शहर में सीसीटीवी, ड्रोन और एआई तकनीक से निगरानी।
श्रद्धालुओं को पहचान और तलाशी के बाद ही प्रवेश।
मंदिर क्षेत्र में 13–14 सुरक्षा घेरे।
मेडिकल सुविधा के साथ ऑक्सीजन और जरूरी दवाइयां उपलब्ध।
परिसर के 300 मीटर दायरे को नो-फ्लाई जोन घोषित।
धार कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने बताया कि उच्चतम न्यायालय के निर्देशों का पालन सुनिश्चित किया जा रहा है। अस्थायी जेल और अलग-अलग ज़ोन बनाकर प्रशासन ने किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने की तैयारी की है।
🌸 श्रद्धालुओं और शोभायात्रा का माहौल
केंद्रीय राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर और भाजपा जिलाध्यक्ष महंत निलेश भारती ने भोजशाला पहुंचकर पूजा-अर्चना की। मोती बाग चौक में आयोजित शोभायात्रा में हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाएं और पुरुष केसरिया ध्वज थामे, ढोल-नगाड़ों की गूंज पर नृत्य करते हुए यात्रा में शामिल हुए। शोभायात्रा का समापन मोती बाग चौक में हुआ।
प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि दोनों समुदाय अपने धार्मिक आयोजन बिना किसी असुविधा या बाधा के पूरी तरह अदा कर सकें।






