बेटियों की पढ़ाई के लिए बदला फैसला: छात्राओं के आंदोलन का असर; दाऊदखेड़ी नहीं जाएगा सराफा कन्या विद्यालय

उज्जैन। छात्राओं के विरोध के बाद प्रशासन ने सराफा कन्या विद्यालय को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने का फैसला वापस ले लिया है। मंगलवार को जनप्रतिनिधि और अधिकारी स्कूल पहुंचे और छात्राओं से चर्चा की। नई और उपयुक्त बिल्डिंग मिलने तक विद्यालय वर्तमान भवन में ही संचालित किया जाएगा।
दूर स्कूल जाने से छात्राओं की पढ़ाई पर असर की चिंता
सराफा कन्या विद्यालय को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने की योजना सामने आने के बाद छात्राओं ने विरोध किया था। उनका कहना था कि नई जगह काफी दूर है। ऐसे में कई अभिभावक बेटियों को वहां भेजने के पक्ष में नहीं हैं। छात्राओं ने सहशिक्षा व्यवस्था को लेकर भी आपत्ति जताई थी। उन्हें आशंका थी कि इससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो सकती है।

580 से घटकर 415 रह गई छात्राओं की संख्या
स्कूल को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने के आदेश के बाद छात्राओं की संख्या में भी कमी आई। पहले विद्यालय में करीब 580 छात्राएं पढ़ती थीं, जो अब घटकर 415 रह गई हैं। यानी 165 छात्राओं की संख्या कम हुई है।
कक्षा 9वीं में भी छात्राओं की संख्या 180 से घटकर करीब 120 रह गई है। फिलहाल नौवीं कक्षा के तीन सेक्शन संचालित हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद लिया फैसला
सांसद अनिल फिरोजिया ने बताया कि छात्राओं के आंदोलन की जानकारी उन्हें मीडिया के माध्यम से मिली थी। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और सामान्य परिवारों की बेटियों को दूर स्कूल भेजना मुश्किल है। इससे उनकी पढ़ाई छूटने का खतरा रहता है।
सांसद ने बताया कि इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री से चर्चा की गई। मुख्यमंत्री के निर्देश पर नई बिल्डिंग मिलने तक छात्राएं सराफा स्कूल में ही पढ़ेंगी।

दूर जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात
सांसद ने बताया कि दूर स्थित स्कूल जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भी विशेष इंतजाम किए गए हैं। शनिवार और सोमवार जैसे भीड़भाड़ वाले दिनों में बस के साथ पुलिस मोटरसाइकिल भी चलेगी। पुलिस जवान छात्राओं की सुरक्षित आवाजाही पर नजर रखेंगे।
छात्रा बोली- कल दुख के आंसू थे, आज खुशी के
कक्षा 12वीं की छात्रा मोनिका ने कहा कि स्कूल का स्थानांतरण रुकने से छात्राओं ने राहत की सांस ली है। उन्होंने जनप्रतिनिधियों और प्रशासन का आभार जताया। छात्राओं ने कहा कि नई बिल्डिंग बनने तक स्कूल का संचालन वर्तमान भवन में होना बड़ी राहत है। उन्होंने पुलिस सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी धन्यवाद दिया।