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बड़वानी में भाजपा का रक्तदान शिविर: 3 बजे तक 210 यूनिट रक्त जमा; 500 से ज्यादा का लक्ष्य

बड़वानी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर भारतीय जनता पार्टी ने बड़वानी में रक्तदान शिविर का आयोजन किया। जिला भाजपा कार्यालय के पास नवीन संजीवनी हॉस्पिटल में आयोजित शिविर देर शाम तक चला। बड़ी संख्या में युवाओं सहित विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साह के साथ रक्तदान किया। आयोजकों ने 500 यूनिट से अधिक रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा।

पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलन से हुई शुरुआत
भाजपा जिला अध्यक्ष अजय यादव, जिला संगठन प्रभारी बाबूलाल यादव और पूर्व कैबिनेट मंत्री प्रेम सिंह पटेल ने श्री खाटूश्याम बाबा की पूजा-अर्चना और दीप प्रज्ज्वलित कर शिविर की शुरुआत की। आयोजन के दौरान जिला कलेक्टर जयति सिंह और पुलिस अधीक्षक पद्मविलोचन शुक्ल सहित कई जिला अधिकारी भी पहुंचे और रक्तदाताओं का उत्साह बढ़ाया। दोपहर 3 बजे तक शिविर में करीब 210 यूनिट रक्त जमा हो चुका था। इसके बाद भी रक्तदान के लिए लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा।

सामाजिक संगठनों से लेकर NCC कैडेट्स ने लिया हिस्सा
जिला भाजपा अध्यक्ष अजय यादव ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन को सेवा के संकल्प के रूप में मनाते हुए रक्तदान शिविर लगाया गया है। इसमें सामाजिक और धार्मिक संगठनों, स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों, NCC कैडेट्स, सरकारी संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी और भाजपा के सहयोगी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। उन्होंने बताया कि शिविर में 500 यूनिट से ज्यादा रक्त संग्रह का लक्ष्य रखा गया है।

सिकल सेल मरीजों के लिए रक्त की जरूरत
अजय यादव ने बताया कि बड़वानी जिला अस्पताल में धार और अलीराजपुर सहित आसपास के जिलों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं। जनजातीय क्षेत्रों में सिकल सेल से पीड़ित मरीजों को देखते हुए जिले में रक्त की जरूरत अधिक रहती है। ऐसे में रक्तदान शिविर से जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

शिविर में युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिला। रक्तदान करने वालों को जिला अधिकारियों और भाजपा पदाधिकारियों ने प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया। वहीं, सेवा-संकल्प अभियान से जुड़े तीन-चार सेल्फी पॉइंट भी लोगों के आकर्षण का केंद्र रहे।

75 से ज्यादा स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी
रक्तदान शिविर के आयोजन के लिए ब्लड बैंक और जिला अस्पताल के 75 से अधिक स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इनमें करीब 25 टेक्नीशियन, 25 कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ डॉक्टर, नर्स और अन्य मेडिकल स्टाफ शामिल रहे।

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