बड़ी डील से पहले स्थिरता जरूरी: चीनी एक्सपर्ट बोले- भारत-चीन में अभी भरोसे की कमी; डोभाल-वांग की 25वीं बैठक आज

बीजिंग। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर आज 25वें दौर की विशेष प्रतिनिधि वार्ता होगी। भारत की ओर से NSA अजीत डोभाल और चीन की ओर से विदेश मंत्री वांग यी बातचीत करेंगे।
चीनी रणनीतिक मामलों के विशेषज्ञ हू शिशेंग ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों में सुधार हुआ है। हालांकि, अभी भी कई बड़े मतभेद हैं। ऐसे में किसी बड़े समझौते से पहले सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है।
25वीं बार आमने-सामने डोभाल और वांग यी
भारत और चीन के बीच करीब 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा को लेकर विवाद है। डोभाल और वांग यी के बीच यह 25वीं बैठक है। दोनों देशों के बीच यह बातचीत 2003 में शुरू हुई थी। बैठक में सीमा विवाद के साथ दोनों देशों के रिश्तों और आसपास के क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी बात होगी।
चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देश सीमा पर शांति बनाए रखने और तनाव कम करने के लिए बातचीत जारी रखेंगे।
शी जिनपिंग के संभावित भारत दौरे से पहले बैठक
यह वार्ता ऐसे समय हो रही है, जब चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के सितंबर में भारत आने की संभावना है। वे नई दिल्ली में होने वाले BRICS शिखर सम्मेलन में शामिल हो सकते हैं।
अगर दौरा होता है तो यह करीब सात साल बाद शी जिनपिंग की भारत यात्रा होगी। ऐसे में डोभाल और वांग की बैठक को काफी अहम माना जा रहा है।
डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति से भी मुलाकात की
बैठक से पहले अजीत डोभाल ने चीन के उपराष्ट्रपति हान झेंग से भी मुलाकात की। दोनों के बीच सीमा पर शांति और भारत-चीन संबंधों को मजबूत करने को लेकर चर्चा हुई।
अभी बड़े समझौते की उम्मीद कम
विशेषज्ञों का मानना है कि भारत और चीन के रिश्ते पूरी तरह सामान्य होने में अभी समय लगेगा। दोनों देशों के बीच भरोसे की कमी और कई मतभेद बने हुए हैं।
फिलहाल दोनों देशों का जोर छोटे कदमों से तनाव कम करने पर हो सकता है। खासकर कोशिश यह रहेगी कि सीमा पर 2020 जैसी स्थिति दोबारा न बने और बातचीत का रास्ता खुला रहे।