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अयोध्या राम मंदिर CEO पद के लिए 5,500 आवेदन, आस्था और प्रबंधन क्षमता बनेगी चयन की कसौटी

अयोध्या राम मंदिर की व्यवस्थाएं चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पद संभालने की तारीख 28 अगस्त है। देशभर से 5500 लोगों ने सीईओ पद के लिए ऑनलाइनआवेदन भेजे थे। चयन समिति द्वारा चयन के लिए भेजे गए आवेदनों में सही व्यक्यि की तलश तेज़ हो गई है।

चयन कैसे किया जा रहा है?

कमेटी से जुड़े एक सदस्य ने बताया कि हम सिर्फ आवेदन करने वाले के अनुभव को आधार नहीं बना रहे। उस व्यक्ति की राम में कितनी आस्था है, यह भी चयन या रिजेक्शन का अहम आधार है। इन लोगो के आए आवेदन रिटायर्ड IAS, IPS, शिक्षाविद्, IT प्रोफेशनल, वकील, पूर्व जज और वित्त एवं लेखा सेवा के जुड़े रिटायर्ड अधिकारी तक ने आवेदन किए हैं। इतने सारे लोगों में सही व्यक्ति का चुनाव आसान नहीं है ,लेकिन अगले 40 दिन में हम यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगे।

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 13 जुलाई को CEO पद के लिए आवेदन मांगे थे। 18 जुलाई तक आवेदन लिए गए

CEO के लिए किस तरह के लोगों ने आवेदन किया है? समिति के सदस्य कहते हैं- देशभर के नामचीन हस्तियों में शामिल लोग आगे आ रहे हैं। ज्यादातर लोग राम मंदिर के CEO के जरिए सेवा करना चाहते हैं। क्योंकि ये मंदिर प्रबंधन का वो स्ट्रक्चर होगा, जो आगे चलकर एक उदाहरण की तरह पेश किया जा सकता है। यही वजह है कि आवेदनों की स्क्रूटनी के लिए भी कठिन मापदंड रखे गए हैं। इसमें पूर्व नौकरशाह और न्यायाधीशों को वरीयता मिल सकती है।

ऑनलाइन आवेदन आने के बाद उम्मीदवारों से टेलीफोन पर बातचीत की जा रही है। उनके अनुभव को समझा जा रहा है। फिर ट्रस्ट के पैरामीटर पर जो आवेदक ठीक लग रहा, उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया जा रहा है। इंटरव्यू में चयन के लिए पैनल के लोग उनकी योग्यता को देखते हुए सवाल करते हैं। धार्मिक आस्था, प्रबंधन के तौर-तरीकों को लेकर बातचीत होती है।

चूंकि ये पूरी प्रक्रिया तब हो रही है, जब राम मंदिर के चढ़ावा में हेर-फेर किए जाने की घटना सामने आ चुकी है। इसलिए चयन के लिए आए आवेदकों से बड़े फंड के सही प्रबंधन को लेकर भी बातचीत हो रही है। मंदिर में क्या बेहतर हो सकता है, इसकी प्लानिंग भी समझने की कोशिश चयन समिति कर रही है।

पहले फेज में 5000 लोगों की छंटनी हो रही है। फिर बचे हुए 500 लोगों में से सिर्फ 20-30 लोग ही लिस्ट में रखे जाएंगे। दूसरे फेज में चयन के मापदंड पहले से कठिन हो जाएंगे। चयन समिति के 3 सदस्य इस प्रक्रिया को पूरा करने में आवेदक की इच्छाशक्ति को भी देख रहे हैं। वह पूछ रहे हैं कि आने वाले समय में आप अगर CEO बनाए जाते हैं, तो प्रबंधन कैसे करेंगे? ये पूरी प्रॉसेस चयन समिति के सदस्य अपने घरों से कर रहे हैं। वो अयोध्या में फाइनल चयन के वक्त ही पहुंचेंगे।

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