बांग्लादेश से वनडे सीरीज हारने के बाद टी20 में ऑस्ट्रेलिया की दमदार वापसी, लेकिन आगे कठिन चुनौतियां इंतजार में
पिछले कुछ समय से ऑस्ट्रेलिया का अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में समय अच्छा नहीं जा रहा है। 2025-2026 की एशेज मे शानदार 4-1 की जीत के बाद ऑस्ट्रेलिया को लगातार हार का सामना करना पड़ा है। एशेज जीतने के बाद ऑस्ट्रेलिया की टी20 विश्व कप के ठीक पहले हुई पाकिस्तान के विरुद्ध टी20 सीरीज में 0-3 से शर्मनाक हार हुई।
टी20 विश्व कप में ऑस्ट्रेलिया काफी उम्मीदों के साथ आयी थी लेकिन ज़िंबाब्वे के खिलाफ हार ने उनको ग्रुप स्टेज से ही बाहर कर दिया, जो पिछले 19 साल के टी20 विश्व कप इतिहास में दूसरी बार हुआ। पहली बार उन्हें 2009 में ग्रुप स्टेज एग्जिट का सामना करना पड़ा था।
टी20 विश्व कप के बाद भी ऑस्ट्रेलिया टीम का सफर और मुश्किल रहा। IPL के बाद शुरू हुई पाकिस्तान से वनडे सीरीज में भी ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से शिकस्त मिली। इसके बाद बांग्लादेश दौरे पर ऐसा लगा की ऑस्ट्रेलिया टीम वनडे में अच्छा खेल दिखा प्रभावित कर सकती हैं, लेकिन बांग्लादेश के विरुद्ध भी ऑस्ट्रेलिया को 2-1 से हार मिली।हालांकि टी20 सीरीज में ऑस्ट्रेलिया अपने पुराने रंग में देखने मिली और बांग्लादेश को 3-0 से रौंद दिया। ऑस्ट्रेलिया अब अपनी अगली सीरीज अगस्त में खेलेगा जहां बांग्लादेश ऑस्ट्रेलिया के लिए 2 टेस्ट का दौरा करेगी।
बड़े खिलाडी नहीं थे उपलब्ध
ऑस्ट्रेलिया के बिग थ्री कहे जाने वाले तीन तेज़ गेंदबाज़ मिचेल स्टार्क, पैट कमिंस और जोश हेज़लवुड ने काफी महीनो से ऑस्ट्रेलिया के लिए क्रिकेट नहीं खेला है। स्टार्क आखरी बार एशेज में खेले, टी20 अंतर्राष्ट्रीय से वो रिटायर हो चुके हैं, दूसरी ओर कमिंस और हेज़लवुड चोट के चलते काफी समय से अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से दूर है, जो दूरी टी20 विश्व कप में भी देखने मिली। ऑस्ट्रेलिया भी अपने तीन धाकड़ तेज़ गेंदबाज़ो को लेकर जल्दी नहीं करना चाहता इसलिए उन्हें पाकिस्तान और बांग्लादेश दौरे से आराम दिया गया था। मिचेल मार्श भी चोट के चलते बांग्लादेश वनडे सीरीज से बाहर हो गए थे।
आगे आसान नहीं है सफर
ऑस्ट्रेलिया के आगे के दौरे काफी मुश्किल होने वाले है। बांग्लादेश के खिलाफ 2 टेस्ट और ज़िम्बाब्वे से 3 वनडे खेलने के बाद ऑस्ट्रेलिया को साउथ अफ्रीका (3 वनडे, 3 टेस्ट), इंग्लैंड (3 वनडे, 5 टी20), न्यूजीलैंड (4 टेस्ट) और भारत (5 टेस्ट) से खेलना है, जिसके लिए उनके शीर्ष खिलाड़ियों की उपलब्ध्ता काफी ज़रूरी है।
