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अशोक सिद्धार्थ ने लिया राजनीति से संन्यास: मायावती बोलीं- पहले ले लेना चाहिए था, खैर ‘देर आए, दुरुस्त आए’; आकाश आनंद को किया BSP से मुक्त

लखनऊ। “आकाश आनंद ने पार्टी से ज्यादा परिवार को महत्व दिया। इसलिए अब उन्हें पार्टी की जिम्मेदारियों से पूरी तरह मुक्त किया जा रहा है।” बसपा प्रमुख मायावती ने गुरुवार को यह ऐलान किया। यह फैसला आकाश आनंद के ससुर और पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ के राजनीति से संन्यास लेने की घोषणा के कुछ घंटे बाद आया।

मायावती ने अशोक सिद्धार्थ के राजनीति छोड़ने के फैसले को “देर आए, दुरुस्त आए” बताया। साथ ही उन्होंने कहा कि अगर अशोक सिद्धार्थ ने यह फैसला पहले लिया होता, तो पार्टी और आकाश आनंद को कई विपरीत परिस्थितियों का सामना नहीं करना पड़ता।

3 सितंबर को आकाश से छीनी थी बड़ी जिम्मेदारी
मायावती ने 3 सितंबर को आकाश आनंद को BSP के नेशनल कोऑर्डिनेटर पद से हटा दिया था। उस समय मायावती ने कहा था कि आकाश को अभी राजनीतिक समझ और अनुभव बढ़ाने की जरूरत है। उन्हें फिलहाल पार्टी की कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। इसके बाद बुधवार को मायावती ने कहा था कि अगर अशोक सिद्धार्थ राजनीति छोड़ देते हैं, तो आकाश की पार्टी में वापसी और जिम्मेदारी पर विचार किया जा सकता है।

अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति छोड़ने का ऐलान किया
गुरुवार को अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति और सामाजिक जीवन से पूरी तरह दूर होने का ऐलान कर दिया। उन्होंने कहा कि वे अभी से राजनीति और सामाजिक जीवन छोड़ रहे हैं। उन्होंने मायावती के प्रति अपनी निष्ठा भी जताई। सिद्धार्थ ने कहा कि वे करीब 35 साल से BSP के मिशन से जुड़े रहे हैं। उन्होंने मायावती की ओर से दी गई हर जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाने की बात कही।

अशोक सिद्धार्थ के ऐलान के बाद मायावती ने कहा कि उनका राजनीति छोड़ने का फैसला सही है, लेकिन काफी देर से लिया गया। इसके साथ ही मायावती ने आकाश आनंद को भी पार्टी से पूरी तरह मुक्त करने की घोषणा कर दी। मायावती ने कहा कि आकाश का पार्टी के प्रति पूरी तरह समर्पित रहना जरूरी है। लेकिन उनके व्यवहार से ऐसा लगा कि वे परिवार और निजी रिश्तों को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।

मायावती ने पोस्ट शेयर नहीं करने पर भी सवाल उठाया
मायावती ने कहा कि आकाश ने उनके पहले किए गए पोस्ट को X पर दोबारा शेयर नहीं किया। इससे लगा कि आकाश के लिए परिवार का रिश्ता पार्टी से ज्यादा महत्वपूर्ण है। मायावती ने इसी वजह से कहा कि आकाश को अब पार्टी से पूरी तरह अलग कर दिया गया है।

अशोक सिद्धार्थ को अगस्त में पार्टी से निकाला गया था
अशोक सिद्धार्थ BSP के पूर्व राज्यसभा सांसद रहे हैं। उन्हें पार्टी से निकाल दिया गया था। मायावती ने उन पर पार्टी अनुशासन तोड़ने और पार्टी के खिलाफ काम करने का आरोप लगाया था। मायावती का आरोप था कि सिद्धार्थ को कई मौके दिए गए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने पार्टी की बजाय अपने निजी और पारिवारिक हितों को ज्यादा महत्व दिया।

सिद्धार्थ बोले- मायावती का आदेश मेरे लिए सबसे ऊपर
राजनीति छोड़ने के ऐलान के दौरान अशोक सिद्धार्थ ने मायावती के प्रति अपनी निष्ठा जताई। उन्होंने कहा कि मायावती का आदेश उनके लिए सबसे ऊपर है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर पार्टी को लगता है कि उनके राजनीति में रहने से बहुजन आंदोलन को नुकसान हो रहा है, तो वे राजनीति छोड़ रहे हैं। सिद्धार्थ ने आकाश आनंद को प्रभावित करने के आरोपों से भी इनकार किया। उन्होंने कहा कि वे कई महीनों से आकाश से मिले तक नहीं हैं।

अब आकाश आनंद की भूमिका क्या होगी?
मायावती के ताजा फैसले के बाद आकाश आनंद को BSP की कोई बड़ी जिम्मेदारी नहीं मिली है। मायावती ने पहले भी कहा था कि आकाश को अभी राजनीतिक रूप से और परिपक्व होने की जरूरत है। अब उन्हें पार्टी से पूरी तरह मुक्त कर दिया गया है।

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