अरविंद की बड़ी डील: अमेरिकी कंपनी डाल्को-GFT में 61% हिस्सेदारी खरीदी, 136 मिलियन डॉलर का अधिग्रहण
Arvind Limited की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी अरविंद एडवांस्ड मैटेरियल्स लिमिटेड (AAML) ने अमेरिका की विशेष नीडलपंच नॉनवॉवन फैब्रिक निर्माता कंपनी डाल्को-GFT में 61 फीसदी नियंत्रक हिस्सेदारी का अधिग्रहण किया है। इस सौदे का कुल उद्यम मूल्य 136 मिलियन डॉलर बताया गया है।
कंपनी के अनुसार यह अधिग्रहण समायोजित आधार पर वित्त वर्ष 2025 के EBITDA के 7.75 गुना मूल्यांकन पर किया गया है। AAML ने अगले चार वर्षों में शेष 39 फीसदी हिस्सेदारी खरीदने की भी योजना बनाई है।
यह डील अमेरिकी इकाई स्तर पर लगभग 50 मिलियन डॉलर के गैर-रिकोर्स ऋण और AAML स्तर पर करीब 60 मिलियन डॉलर के ऋण के जरिए वित्तपोषित की गई है।
क्या है डाल्को-GFT?
Dalco-GFT की स्थापना 1988 में हुई थी और कंपनी विशेष नीडलपंच नॉनवॉवन फैब्रिक्स के क्षेत्र में लगभग चार दशकों का अनुभव रखती है। कंपनी उत्तरी और दक्षिणी कैरोलिना में दो विनिर्माण संयंत्र संचालित करती है, जिनकी संयुक्त वार्षिक उत्पादन क्षमता 75 मिलियन पाउंड है।
डाल्को-GFT में लगभग 170 कर्मचारी कार्यरत हैं और यह मोबिलिटी, जियोटेक्सटाइल्स, औद्योगिक तथा फ्लोरिंग एवं फर्नीचर जैसे क्षेत्रों में 75 से अधिक सक्रिय ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करती है।
वित्त वर्ष 2025 में कंपनी ने लगभग 100 मिलियन डॉलर का राजस्व दर्ज किया, जबकि EBITDA मार्जिन 17 फीसदी से अधिक रहा। कंपनी का लगभग 68 फीसदी कारोबार मोबिलिटी सेक्टर से आता है।
अरविंद समूह को क्या होगा फायदा?
इस अधिग्रहण के जरिए AAML को उत्तरी अमेरिका के लगभग 2.5 बिलियन डॉलर के बाजार तक पहुंच मिलेगी। साथ ही कंपनी को तीन नए बिजनेस सेगमेंट और 75 सक्रिय ग्राहक भी मिलेंगे।
यह AAML का चौथा प्रमुख व्यवसाय होगा, जो उसके मौजूदा मानव सुरक्षा, कंपोजिट और औद्योगिक व्यवसायों के साथ जुड़ जाएगा।
कंपनी ने कहा कि डाल्को-GFT की मौजूदा प्रबंधन टीम, जिसका नेतृत्व CEO जॉय डंकन कर रहे हैं, आगे भी कारोबार संभालती रहेगी।
विशेषज्ञों के अनुसार यह सौदा भारतीय विनिर्माण कंपनियों की वैश्विक विस्तार रणनीति और अमेरिकी बाजार में बढ़ती मौजूदगी का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है।






