आलीराजपुर में तिरपाल लगाकर किया मासूम का अंतिम संस्कार: मुक्तीधाम पर नहीं है टीन शेड; विकास के दावों पर उठे सवाल

आलीराजपुर। उदयगढ़ के ग्राम बयड़ा के होली फलिया में चार वर्षीय बच्चे की मृत्यु के बाद परिजनों को लगातार हो रही बारिश के बीच खुले में उसका अंतिम संस्कार करना पड़ा। बारिश से बचने के लिए ग्रामीणों ने प्लास्टिक की पन्नी का सहारा लिया और भीगते हुए मासूम को अंतिम विदाई दी।
घटना के दौरान अंतिम संस्कार स्थल पर किसी प्रकार का पक्का शेड या बारिश से बचाव की व्यवस्था मौजूद नहीं थी। ग्रामीणों ने मजबूरी में प्लास्टिक की चादर पकड़कर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। लगातार बारिश के कारण परिजनों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की तस्वीरें सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद लोगों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
हर बारिश में होती है यही परेशानी
ग्रामीणों का कहना है कि गांव में अंतिम संस्कार के लिए कोई पक्का शेड, चबूतरा या आवश्यक सुविधा उपलब्ध नहीं है। उनका आरोप है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में इसी तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है और कई बार मांग करने के बावजूद अब तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गई।
सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीर
घटना की तस्वीर सामने आने के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतिम संस्कार जैसी मूलभूत व्यवस्था भी उपलब्ध न होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है। ग्रामीणों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गांव में तत्काल शेड और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।
स्थायी समाधान की उठी मांग
ग्रामीणों का कहना है कि भविष्य में किसी परिवार को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े, इसके लिए स्थायी समाधान आवश्यक है। उन्होंने अंतिम संस्कार स्थल पर पक्का शेड, बैठने की व्यवस्था और बारिश से बचाव के लिए आवश्यक निर्माण कार्य जल्द कराने की मांग की है।